Meenakshi Natarajan Namankan: कर्नाटक रवाना हो गए थे आधे विधायक.. अचानक रद्द हो गया प्रत्याशी का नामांकन, जानिए कांग्रेस के हाथ से कैसे फिसली तीसरी राज्यसभा सीट?

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कर्नाटक रवाना हो गए थे आधे विधायक.. अचानक रद्द हो गया प्रत्याशी का नामांकन, Madhya Pradesh Meenakshi Natarajan nomination cancelled

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 07:08 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 12:26 AM IST

Meenakshi Natarajan Nomination

भोपाल। Meenakshi Natarajan Nomination मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को रिटर्निंग अफसर ने रद्द कर दिया है। मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान भाजपा ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए उनके शपथ पत्र में तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया। जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।

बताया जा रहा है कि हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में नगर निगम पार्षद ए. श्रीलता की ओर से दायर याचिका में मीनाक्षी नटराजन का नाम शामिल है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक कथित छेड़छाड़ प्रकरण में आरोपी को संरक्षण दिया गया। भाजपा का कहना है कि अदालत द्वारा जारी नोटिस की जानकारी भी शपथ पत्र में दर्ज नहीं की गई।
स्क्रूटनी के दौरान भाजपा नेताओं ने संबंधित दस्तावेज निर्वाचन अधिकारी को सौंपते हुए नामांकन पर पुनर्विचार की मांग की थी। शिकायत पर जांच के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।

कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की

Meenakshi Natarajan Nomination इस बीच दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और कांग्रेस के लीगल प्रभारी जेपी धनोपिया सहित कई कांग्रेस नेता रिटर्निंग अफसर अरविंद शर्मा के कक्ष में मौजूद रहे। कुछ देर बाद मीनाक्षी नटराजन भी वहां पहुंच गईं। विधानसभा परिसर में रिटर्निंग अफसर कक्ष में प्रवेश को लेकर कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और बहस हुई। इस दौरान परिसर में शोर-शराबे का माहौल बन गया।

क्या बोले उमंग सिंघार?

इस दौरन उमंग सिंघार ने कहा कि एक गांधीवादी नारी से डर गई भाजपा! कांग्रेस की जीत और एक ईमानदार महिला प्रत्याशी की बढ़ती स्वीकार्यता से घबराई भाजपा का असली चेहरा आज मध्यप्रदेश विधानसभा में बेनकाब हो गया। जब कांग्रेस की जीत स्पष्ट दिखाई दे रही है, तब भाजपा हर प्रकार के साम, दाम, दंड, भेद का सहारा लेकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। भाजपा के गुंडों ने आज लोकतंत्र के मंदिर को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश की। नारा “नारी वंदन” का, लेकिन चरित्र “नारी अपमान” का, यही भाजपा की असली पहचान है। मैं स्वयं विधानसभा पहुंच चुका हूँ। अब देखते हैं कि भाजपा लोकतंत्र की इस लड़ाई को कितनी दूर तक गुंडागर्दी और दबाव की राजनीति के सहारे लड़ना चाहती है। कांग्रेस एकजुट है, लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और सत्य, संविधान तथा जनमत की ताकत से इस चुनाव में विजय प्राप्त करेगी।

विधायकों को कर्नाटक भेज चुकी थी कांग्रेस

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष विमान से कर्नाटक भेजने की रणनीति बनाई थी। अधिकांश विधायक बेंगलुरु रवाना हो चुके हैं। हालांकि नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी की यह रणनीति भी चर्चा का विषय बन गई है।

भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत

मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए भाजपा ने तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के बाद अब तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना बढ़ गई है।

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