मप्र : विभागीय जांच में मदद के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत लेने पर दो अधिकारी पकड़े गए

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मप्र : विभागीय जांच में मदद के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत लेने पर दो अधिकारी पकड़े गए

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 06:17 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 06:17 PM IST

इंदौर, 25 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के नीमच में लोकायुक्त पुलिस ने विभागीय जांच में सहयोग करने के नाम पर एक छात्रावास की महिला अधीक्षक से एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में आदिम जाति कल्याण विभाग के दो अधिकारियों को बृहस्पतिवार को पकड़ा। लोकायुक्त पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि कुकड़ेश्वर के कनिष्ठ कन्या छात्रावास की अधीक्षक कुर्दुला एक्का को छात्रावास में कथित अनियमितताओं के कारण निलंबित कर दिया गया था और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी।

उन्होंने बताया कि एक्का ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि विभागीय जांच में सहयोग करने और उनका रुका वेतन जारी कराने के एवज में आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक राकेश राठौर और उत्कृष्ट बालक छात्रावास के अधीक्षक हरीश चौहान ने उनसे 1.25 लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगी थी।

डीएसपी के मुताबिक शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और राठौर व चौहान को एक्का से एक लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते पकड़ा। उन्होंने बताया कि सरकारी दफ्तर में ली गई यह राशि चौहान के पतलून की जेब से बरामद की गई।

पटेल ने बताया कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के संबद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया है।

भाषा हर्ष अमित

अमित