स्वदेशी अवाक्स ‘नेत्र’ को परिचालन की अंतिम मंजूरी मिली

Ads

स्वदेशी अवाक्स 'नेत्र' को परिचालन की अंतिम मंजूरी मिली

  •  
  • Publish Date - June 25, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 06:18 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

बेंगलुरु, 25 जून (भाषा) भारत के स्वदेशी ‘एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल प्रणाली’ (अवाक्स) ‘नेत्र’ को बृहस्पतिवार को अंतिम परिचालन मंजूरी दे दी गई, जिससे इसके भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है।

वायुसेना के उपाध्यक्ष एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने यहां स्थित ‘सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स’(सीएबीएस) में आयोजित एक समारोह में ‘नेत्र’ प्रणाली को औपचारिक रूप से अंतिम परिचालन स्वीकृति (एफओसी) प्रदान किए जाने की घोषणा की।

समारोह के दौरान स्वदेशी ‘नेत्र’ प्रणाली और उससे संबंधित एफओसी प्रमाणपत्र का भी अनावरण किया गया।

इस अवसर पर एयर मार्शल भारती ने कहा, ‘‘नेत्र प्रणाली को अंतिम परिचालन स्वीकृति (एफओसी) प्रदान करने की घोषणा करना वास्तव में गर्व का क्षण है। यह केवल एक स्वदेशी प्रौद्योगिकी कार्यक्रम की परिणति नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में भारतीय वायुसेना और वैज्ञानिक समुदाय के बीच अद्वितीय साझेदारी का उत्सव भी है।’’

उन्होंने कहा कि नेत्र प्रणाली की यात्रा असाधारण रही है, हालांकि किसी भी नयी प्रणाली की तरह इसमें कई चुनौतियां भी सामने आईं।

भारती ने कहा, ‘‘हमें अत्यधिक धैर्य और दृढ़ता का परिचय देना पड़ा और सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के बीच सहयोग सुनिश्चित करना पड़ा।’’

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की शुरुआत से ही वायुसेना केवल उत्पाद की आपूर्ति का इंतजार करने वाला उपभोक्ता नहीं था, बल्कि उसने रूपरेखा तैयार करने, विकास, एकीकरण, परीक्षण और परिचालन में प्रक्रिया भूमिका निभाई।

एक वीडियो संदेश में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (सीआईएससी) एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने कहा कि तेजी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में ‘नेत्र’ प्रणाली की पूर्ण परिचालन क्षमता हासिल करने का राष्ट्रीय लक्ष्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

अवाक्स नेत्र भारत द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक हवाई निगरानी एवं कमान एवं नियंत्रण प्रणाली है। इसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सीएबीएस प्रयोगशाला में बनाया गया है। यह प्रणाली लंबी दूरी से दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों का पता लगाने और उनकी निगरानी करने में सक्षम है।

‘नेत्रा’ वास्तविक समय में वायुसेना के लड़ाकू विमानों और जमीनी निंयत्रण कक्ष को महत्वपूर्ण सूचनाएं भी उपलब्ध कराती है, जिससे युद्ध के दौरान त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद मिलती है।

भाषा राखी धीरज

धीरज