Meenakshi Natarajan Supreme Court: मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, नामांकन रद्द मामले में याचिका खारिज, कोर्ट ने कही ये बात

Meenakshi Natarajan Supreme Court: मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, नामांकन रद्द मामले में याचिका खारिज, कोर्ट ने कही ये बात

Meenakshi Natarajan Supreme Court: मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, नामांकन रद्द मामले में याचिका खारिज, कोर्ट ने कही ये बात

Meenakshi Natarajan Supreme Court | Image- AI Generated File

Modified Date: June 12, 2026 / 01:55 pm IST
Published Date: June 12, 2026 1:45 pm IST

Meenakshi Natarajan Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा उम्मीदवारी खारिज होने के मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। कांग्रेस नेता की याचिका खरिज करते हुए कोर्ट ने कि हम इसमें दखल नहीं दे सकते हैं। जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस चंदूकर की पीठ ने ये फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाएं तय हैं और इस चरण में कोर्ट दखल नहीं दे सकता

Meenakshi Natarajan Supreme Court आपको बता दें कि कल मध्यप्रदेश राज्यसभा नामांकन का आखिरी दिन था और कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा, अभिषेक मनु सिंघवी ने मीनाक्षी नटराजन मामले में रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई टाल दिया और आज सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

निर्विरोध चुने गए तीनों सांसद

Meenakshi Natarajan Supreme Court 18 जून को 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, लेकिन मतदान से पहले ही मध्यप्रदेश में तस्वीर साफ हो चुकी है। निर्वाचन अधिकारी ने गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीनों उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। तीनों उम्मीदवार यहां मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचे और रिटर्निंग अधिकारी से जीत का प्रमाण पत्र हासिल किया। बाद में तीनों नेताओं ने मीडिया के समक्ष निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदर्शित किए। मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था।

 

 

ये भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.