शह मात The Big Debate/Image Credit: MP DPR
Madhya Pradesh News: भोपाल: मध्यप्रदेश में भले ही अभी चुनाव नहीं हैं, लेकिन सूबे की मोहन सरकार मिशन 2028 की तैयारी में अभी से जुट गई है और इस बार सरकार के फोेकस में है- अन्नदाता। इसी के चलते अब सूबे में सियासत तेज हो गई है। सोमवार को राजधानी भोपाल में सीएम मोहन की मौजूदगी में किसान कल्याण वर्ष 2026 पर आधारित अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में 16 विभाग के मंत्री, अधिकारिय़ों के साथ-साथ, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन शामिल हुए। जिसमे किसानों की उन्नति के लिए काम करने पर चर्चा हुई। (Madhya Pradesh News) कार्यक्रम से पहले इसी सिलसिले में सीएम मोहन ने पीएम मोदी से दिल्ली में मुुलाकात की। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत हो रहे कार्यक्रमों, गतिविधियों और राज्य की प्रगति की जानकारी दी।
ये कोई पहला कार्यक्रम नहीं है। इसके पहले सीएम मोहन ने पहली बार बड़वानी में कृषि कैबिनेट की बैठक की। किसानों के लिए हजारों करोड़ की सौगात दी थी, तो वहीं MSP, खाद की उपलब्धता के साथ-साथ सोयाबीन और सरसो पर भावांतर को लेकर सीएम मोहन सजग नजर आते हैं, लेकिन कांग्रेस को मोहन सरकार के ये कदम सियासी स्टंट लग रहे हैं। (Madhya Pradesh News) कांग्रेस- किसानों को लेकर सरकार पर हमलावर है।
Madhya Pradesh News: कांग्रेस-बीजेपी के बीच असल किसान हितैषी होने को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है, (Madhya Pradesh News) लेकिन सवाल ये कि- क्या अब बीजेपी सरकार- 2028 का चुनाव लाड़ली के बजाय अन्नदाता के सहारे लड़ने जा रही है? सवाल ये भी कि- क्या अगले विधानसभा चुनाव में ‘किसानों’ पर दंगल को लेकर दिल्ली से मुहर लग चुकी है जिसके चलते सीएम मोहन एक्शन में नजर आ रहे हैं?
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