Reported By: Deepak Dwivedi
,भोपाल। Twisha Sharma Death Case Update: चर्चित त्विषा मौत मामले में जांच प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर लिगेचर (फांसी के फंदे में प्रयुक्त सामग्री) की जब्ती और उसके संरक्षण की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां जताई जा रही हैं। साथ ही विशेष जांच दल (SIT) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
Twisha Sharma Death Case Update: जानकारी के अनुसार, 13 मई को सुबह 9:42 बजे सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने कथित लिगेचर को जब्त किया था। हालांकि जब्ती के समय आरोपी पक्ष के रूप में नामित गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह द्वारा उसकी पहचान किए जाने का कोई उल्लेख दस्तावेजों में नहीं है। बताया जा रहा है कि जब्ती पंचनामे में उस व्यक्ति का भी कोई विवरण दर्ज नहीं किया गया, जिसने लिगेचर की पहचान की हो। दस्तावेज के पांचवें कॉलम में केवल “घटनास्थल से” लिखकर औपचारिकता पूरी किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं यह भी दावा किया जा रहा है कि जब्ती के बाद लिगेचर को तत्काल फोरेंसिक जांच के लिए भेजने के बजाय सब इंस्पेक्टर ने उसे अपनी कार में रखा और समय पर एम्स नहीं भेजा।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, लिगेचर से संबंधित जब्ती दस्तावेज केस डायरी का हिस्सा था, लेकिन उसमें दोनों आरोपियों की कोई भूमिका या उपस्थिति दर्ज नहीं है। दूसरी ओर, इसी दिन तैयार की गई तीन अन्य जब्ती कार्यवाहियों में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह का पूरा विवरण दर्ज होने की बात सामने आई है। इन तथ्यों के आधार पर जांच एजेंसी SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने शुरुआत से ही आरोपियों के प्रभाव में काम किया।