MP Nursing Colleges Recruitment: नर्सिंग कॉलेजों भर्ती में पुरुष अभ्यर्थी भी कर पाएंगे आवेदन? MPESB ने हाईकोर्ट में दिया ये बड़ा बयान, इस दिन आ सकता है अंतिम फैसला

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नर्सिंग कॉलेजों भर्ती में पुरुष अभ्यर्थी भी कर पाएंगे आवेदन? MP Nursing Colleges Recruitment: Decision on male applications tomorrow in High Court

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 06:59 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 06:59 PM IST

MP Nursing Colleges Recruitment. Image Source- IBC24

जबलपुरMP Nursing Colleges Recruitmentमध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी भर्ती में महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के मामले पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। महिलाओं को पूर्ण आरक्षण देने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान मप्र कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने अपने रुख में बदलाव करते हुए अदालत में यू-टर्न लिया। सुनवाई के दौरान कर्मचारी चयन मंडल की ओर से हाईकोर्ट को मौखिक रूप से बताया गया कि फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में पुरुष अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।

इससे पहले जारी भर्ती विज्ञापन में केवल महिलाओं के लिए ही आवेदन की व्यवस्था होने पर सवाल उठाए गए थे, जिसे लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि 100 प्रतिशत आरक्षण संविधान के समानता के अधिकार का उल्लंघन है और इससे योग्य पुरुष अभ्यर्थियों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। इस पर अदालत ने कर्मचारी चयन मंडल से जवाब तलब किया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि नर्सिंग फैकल्टी भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 7 जनवरी निर्धारित है। ऐसे में अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई बुधवार, 7 जनवरी को तय की है, जिस दिन इस प्रकरण में विस्तृत आदेश जारी किए जाने की संभावना है।

इतने पदों पर हो रही भर्ती

MP Nursing Colleges Recruitment बता दें कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में 286 अकादमिक पदों पर सीधी भर्ती से 40 एसोसिएट प्रोफेसर, 28 असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर की भर्ती की जानी है। इन भर्तियों में पुरुष उम्मीदवारों को पूरी तरह बाहर कर दिया था। लोक स्वास्थ्य कल्याण विभाग द्वारा की जा रही भर्ती में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और भर्ती के नियमों की अनदेखी की जा रही थी। इसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में मांग की है कि 100 प्रतिशत महिला आरक्षण को असंवैधानिक घोषित कर याचिकाकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए।

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