नर्मदापुरम: Gender Change Case: नर्मदापुरम के युवक शुभम यादव पर भोपाल के 26 वर्षीय युवक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि शुभम के दबाव में आकर उसने पिछले वर्ष नवंबर में अपना जेंडर चेंज करवाया। इस प्रक्रिया में लगने वाली छह लाख रुपये की राशि भी उसी ने दी थी।
Gender Change Case: पीड़ित भोपाल का रहने वाला है और उसने शुभम यादव के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज कराई है। अब युवक का आरोप है कि बीते छह महीनों से शुभम उसे लगातार बदनाम करने और धमकाने की कोशिश कर रहा है। उसकी शिकायत पर पुलिस ने जीरो पर मामला दर्ज किया था जिसकी जांच अब नर्मदापुरम की कोतवाली पुलिस कर रही है। फरियादी के अनुसार आरोपी ने उसे करीब 18 दिन तक नर्मदापुरम स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा और उस पर तांत्रिक क्रियाएं भी कीं।
Gender Change Case: शिकायत में यह भी बताया गया है कि शुभम उसे लगातार डराकर लाखों रुपये की मांग करता रहा। अब इस पूरे मामले की जांच कोतवाली टीआई सौरभ पांडे कर रहे हैं। एसडीओपी पराग सैनी ने बताया कि भोपाल से जीरो पर डायरी नर्मदापुरम कोतवाली भेजी गई है। आरोपी को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
शुभम यादव केस एक गंभीर आपराधिक मामला है जिसमें नर्मदापुरम निवासी युवक पर भोपाल के एक युवक ने जबरन जेंडर चेंज, बंधक बनाना, तांत्रिक क्रियाएं करने और ब्लैकमेलिंग जैसे आरोप लगाए हैं।
"जेंडर चेंज कराने के लिए मजबूर करना" क्या अपराध है?
हाँ, किसी भी व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक या आर्थिक दबाव डालकर जेंडर चेंज के लिए मजबूर करना कानूनन अपराध है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
"जीरो पर एफआईआर" का मतलब क्या होता है?
"जीरो पर एफआईआर" का मतलब है कि शिकायत किसी अन्य थाने में दर्ज की गई है लेकिन उसे संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है, जैसे कि यह मामला भोपाल से नर्मदापुरम ट्रांसफर हुआ है।
क्या "शुभम यादव" को गिरफ्तार कर लिया गया है?
नहीं, फिलहाल शुभम यादव फरार है। पुलिस ने दो टीमों का गठन किया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
"शुभम यादव केस" की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच नर्मदापुरम कोतवाली टीआई सौरभ पांडे और एसडीओपी पराग सैनी की निगरानी में की जा रही है।