Narsinghpur Mango Farm : लोग जिसे समझते थे बेकार जमीन, वहां किसान ने उगा दिए लाखों के आम! जानिए अंधाधुंध कमाई का राज

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में एक किसान ने 70 एकड़ रेतीली जमीन पर इजराइली तकनीक से आम का बगीचा तैयार कर लाखों का कारोबार खड़ा कर दिया। यहां उगाए गए प्रीमियम आम दुबई और लंदन तक निर्यात हो चुके हैं।

Narsinghpur Mango Farm : लोग जिसे समझते थे बेकार जमीन, वहां किसान ने उगा दिए लाखों के आम! जानिए अंधाधुंध कमाई का राज

Narsinghpur Mango Farm / Image Source : SCREENGRAB


Reported By: Pavan Kaurav,
Modified Date: June 14, 2026 / 08:56 am IST
Published Date: June 14, 2026 8:47 am IST
HIGHLIGHTS
  • 70 एकड़ रेतीली जमीन पर विकसित किया गया आधुनिक आम का बगीचा।
  • इजराइल की अल्ट्रा हाई डेंसिटी तकनीक से बढ़ा उत्पादन और मुनाफा।
  • नरसिंहपुर के आम दुबई और लंदन तक हो चुके हैं निर्यात।

नरसिंहपुर : Narsinghpur Mango Farm :  मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में पारंपरिक खेती के मुकाबले किसान ने बनाया 70 एकड़ रेतीली जमीन में आम का बगीचा, कमा रहे अच्छा लाभ, रेतीली जमीन पर लाखों का कारोबार, विदेशों तक पहुंच चुकी मिठास, विदेशी बैगिंग तकनीक से सुंदर होता है फल, मिलते है अच्छे दाम, इंदौर ओर गुजरात में मिल रहे अच्छे कहते हैं खेती में सफलता सिर्फ जमीन से नहीं, बल्कि सोच से मिलती है। नरसिंहपुर जिले के एक किसान ने यही साबित कर दिखाया है। जिस जमीन को लोग कम उपजाऊ मानते थे, वहां आज विदेशी तकनीक से तैयार आम के बगीचे लाखों का कारोबार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यहां उगाए गए आम दुबई और लंदन तक पहुंच चुके हैं।

70 एकड़ क्षेत्र में आम की कई उन्नत किस्में

नरसिंहपुर जिले के छेनाकछार गांव में फैला आम का बगीचा किसी कृषि प्रयोगशाला से कम नहीं है। Jumbo Kesar Mango Madhya Pradesh करीब 70 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस बगीचे में आम की कई उन्नत किस्में लगाई गई हैं। नदी किनारे की जिस जमीन को खेती के लिए ज्यादा उपयुक्त नहीं माना जाता था, उसी भूमि पर आज हजारों आम के पेड़ किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं।

अल्ट्रा हाई डेंसिटी तकनीक से लगाय आम का पेड़

इस बगीचे को तैयार किया है किसान विजय पाल सिंह पटेल ने। मूल रूप से छिंदवाड़ा के रहने वाले विजय पाल ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर बागवानी को अपनाया और इजराइल की अल्ट्रा हाई डेंसिटी तकनीक से आम के पौधे लगाए। इस तकनीक में कम जगह में अधिक पौधे लगाए जाते हैं, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ते हैं।

Success Story Of Farmer Vijay Pal Singh केसर आम के पेड़ बड़े पैमाने पर

बगीचे में केसर आम की भी बड़े पैमाने पर खेती की जा रही है, जो मध्यप्रदेश में कम देखने को मिलती है। विजय पाल ने जम्बो केसर आम के करीब छह हजार पौधे लगाए हैं। इस प्रजाति का एक आम डेढ़ से दो किलो तक वजन का हो सकता है। दो वर्ष पहले यहां के आम दुबई और लंदन तक निर्यात भी किए जा चुके हैं। उत्पादन के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आम के फलों पर विशेष बैग लगाए जाते हैं, जिसे बैगिंग तकनीक कहा जाता है। इससे फलों का रंग, चमक और गुणवत्ता बेहतर होती है। साथ ही कीटों से सुरक्षा मिलती है और दवाओं का असर सीधे फल पर नहीं पड़ता।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..