Online Student Attendance: अब छात्रों की भी लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, DPI ने जारी किया आदेश, गैरहाजिर हुए तो पहुंचेगा फोन!

Online Student Attendance: अब छात्रों की भी लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, DPI ने जारी किया आदेश, गैरहाजिर हुए तो पहुंचेगा फोन!

Online Student Attendance: अब छात्रों की भी लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, DPI ने जारी किया आदेश, गैरहाजिर हुए तो पहुंचेगा फोन!

Online Student Attendance | Photo Credit: AI

Modified Date: August 10, 2026 / 08:49 am IST
Published Date: August 10, 2026 8:47 am IST
HIGHLIGHTS
  • अब छात्रों की भी ऑनलाइन हाजिरी
  • एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज होगी
  • अभिभावकों से संपर्क अनिवार्य

भोपाल: Online Student Attendance मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों (MP Government Schools) में अब बच्चों की हाजरी भी ऑनलाइन लगेगी। स्कूलों में छात्रों की घटती उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। अब तक सिर्फ शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस (Online Student Attendance) लगती थी, लेकिन अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स की भी रोजाना ऑनलाइन हाजरी अनिवार्य कर दी गई है।

Online Student Attendance DPI का मानना है कि क्लास में छात्रों की कम उपस्थिति सीधे पढ़ाई और रिजल्ट पर असर डाल रही है। इसी को सुधारने के लिए ये कदम उठाया गया है। आदेश के अनुसार शिक्षकों को हर दिन एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर छात्रों की अटेंडेंस दर्ज करनी होगी। इसके लिए पोर्टल पर स्टूडेंट मैनेजमेंट सेक्शन में जाकर स्टूडेंट अटेंडेंस वाला विकल्प चुनना होगा। यहां हर छात्र को प्रेज़ेंट, एब्सेंट या ऑन लीव के रूप में मार्क किया जाएगा। DPI ने साफ कहा है कि अटेंडेंस रोजाना और समय पर अपडेट होनी चाहिए। ताकि जिले और राज्य स्तर पर तुरंत डेटा देखा जा सके। सिर्फ हाजरी लगाना ही नहीं, DPI ने स्कूलों को एक और बड़ी जिम्मेदारी दी है। जो छात्र लगातार अनुपस्थित रह रहे हैं, उनके माता-पिता से शिक्षकों को सीधे संपर्क करना होगा।

स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों से बात कर बच्चों को नियमित कक्षाओं में वापस लाने के प्रयास करें। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस सिस्टम से दो फायदे होंगे। पहला, फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी। दूसरा, ड्रॉपआउट रेट कम होगा और अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। फिलहाल ये नियम 9वीं से 12वीं तक लागू किया गया है। आने वाले समय में इसे जूनियर क्लास तक भी बढ़ाया जा सकता है। अब देखना होगा कि स्कूल और शिक्षक इस नए सिस्टम को कितनी गंभीरता से लागू करते हैं।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।