शह मात The Big Debate: कांग्रेस का हाथ..शंकराचार्य के साथ! शंकराचार्य मुद्दे पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, देखें रिपोर्ट

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Shankaracharya Controversy: कांग्रेस का हाथ..शंकराचार्य के साथ! शंकराचार्य मुद्दे पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, देखें रिपोर्ट

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  • Publish Date - January 24, 2026 / 11:43 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 11:43 PM IST

Shankaracharya Controversy | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस ने शंकराचार्य विवाद को लेकर भोपाल में उपवास किया
  • जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने बीजेपी पर हिंदुत्व के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया
  • कांग्रेस काशी और प्रयागराज के मुद्दों से बीजेपी को हार्ड हिंदुत्व की पिच पर घेरने की कोशिश कर रही है

भोपाल: Shankaracharya Controversy कांग्रेस का हिंदुत्व प्रेम फिर जागा है और इस बार जरिया बना है प्रयागराज माघ मेला जहां शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेशवरानंद को गंगा स्नान से रोका गया। कांग्रेस ने इसे सियासी मुद्दा बनाते हुए भोपाल में उपवास किया। उपवास में महज़ 5 मिनट के लिए शामिल होने आए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ये तक कह दिया कि शंकराचार्य का अपमान करने वालों को सज़ा मरने के बाद भी मिलेगी, तो कमलनाथ सरकार में पूर्व धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी हिंदुओं का इस्तेमाल सिर्फ वोटों की खेती के लिए करती है।

MP News जाहिर है शंकराचार्य विवाद में उपवास पॉलिटिक्स के बहाने कांग्रेस इस कोशिश में है कि सनातन के सबसे बड़े धर्मगुरु के अपमान की आड़ में अपने वोट तैयार कर लिये जाएं। ताकि वक्त आने पर उसका मुक्ममल इस्तेमाल हो सके, लेकिन, बीजेपी कांग्रेस के उपवास को ही कठघरे में खड़ा कर रही है।

वैसे कांग्रेस सिर्फ शंकराचार्य के मान-सम्मान के बहाने ही सरकार पर हमलावर नहीं है। बल्कि काशी के मणिकर्णिका घाट में बुलडोजर एक्शन को भी मुद्दा बनाकर सियासी बाण चला रही है। खैर दोनों मुद्दों को हवा देकर मध्यप्रदेश कांग्रेस बीजेपी को हार्ड हिंदुत्व की पिच पर घेरने की मंशा है। काशी और प्रयागराज के बहाने कांग्रेस पॉलिटिकल माइलेज ले पाती है या नहीं ये बड़ा सवाल है, लेकिन आस्था बनाम राजनीति की इस लड़ाई से सूबे का पारा जरूर हाई है।

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कांग्रेस ने उपवास क्यों किया?

प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान से रोके जाने के विरोध में।

उपवास में कौन-कौन शामिल हुए?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा सहित अन्य नेता।

बीजेपी की प्रतिक्रिया क्या रही?

बीजेपी ने कांग्रेस के उपवास को राजनीतिक अवसरवाद बताया और इसे कठघरे में खड़ा किया।