Shankaracharya Controversy | Photo Credit: IBC24
भोपाल: Shankaracharya Controversy कांग्रेस का हिंदुत्व प्रेम फिर जागा है और इस बार जरिया बना है प्रयागराज माघ मेला जहां शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेशवरानंद को गंगा स्नान से रोका गया। कांग्रेस ने इसे सियासी मुद्दा बनाते हुए भोपाल में उपवास किया। उपवास में महज़ 5 मिनट के लिए शामिल होने आए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ये तक कह दिया कि शंकराचार्य का अपमान करने वालों को सज़ा मरने के बाद भी मिलेगी, तो कमलनाथ सरकार में पूर्व धर्मस्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि बीजेपी हिंदुओं का इस्तेमाल सिर्फ वोटों की खेती के लिए करती है।
MP News जाहिर है शंकराचार्य विवाद में उपवास पॉलिटिक्स के बहाने कांग्रेस इस कोशिश में है कि सनातन के सबसे बड़े धर्मगुरु के अपमान की आड़ में अपने वोट तैयार कर लिये जाएं। ताकि वक्त आने पर उसका मुक्ममल इस्तेमाल हो सके, लेकिन, बीजेपी कांग्रेस के उपवास को ही कठघरे में खड़ा कर रही है।
वैसे कांग्रेस सिर्फ शंकराचार्य के मान-सम्मान के बहाने ही सरकार पर हमलावर नहीं है। बल्कि काशी के मणिकर्णिका घाट में बुलडोजर एक्शन को भी मुद्दा बनाकर सियासी बाण चला रही है। खैर दोनों मुद्दों को हवा देकर मध्यप्रदेश कांग्रेस बीजेपी को हार्ड हिंदुत्व की पिच पर घेरने की मंशा है। काशी और प्रयागराज के बहाने कांग्रेस पॉलिटिकल माइलेज ले पाती है या नहीं ये बड़ा सवाल है, लेकिन आस्था बनाम राजनीति की इस लड़ाई से सूबे का पारा जरूर हाई है।