Reported By: Vijay Kumar Verma
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सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो वर्षों से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का लाभ भी नहीं दिया गया। लगातार काम करने के बावजूद उनका न तो पहचान पत्र बनाया गया है और न ही उन्हें किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा दी गई है। नगर परिषद में वर्षों से कार्यरत कई कर्मचारी आज भी अस्थायी स्थिति में काम करने को मजबूर हैं, जिससे भविष्य को लेकर असुरक्षा बनी रहती है।
सबसे चिंताजनक पहलू कार्यस्थल पर सुरक्षा सुविधाओं का अभाव है। सफाईकर्मी बिना दस्ताने, मास्क, गमबूट या अन्य सुरक्षा उपकरणों के नालियों और कचरे की सफाई कर रहे हैं। गंदगी और संक्रमण के बीच काम करने से उन्हें त्वचा रोग, सांस संबंधी बीमारियों और अन्य संक्रमणों का खतरा लगातार बना रहता है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार उन्होंने सुरक्षा किट की मांग की, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई।
सफाईकर्मियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि जब भी कोई कर्मचारी वेतन या अधिकारों की बात करता है, तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस कारण अधिकांश कर्मचारी भय के माहौल में काम कर रहे हैं और खुलकर शिकायत भी नहीं कर पाते। उनका कहना है कि नगर परिषद प्रशासन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय अनदेखा कर रहा है।
सफाईकर्मियों ने प्रशासन से मांग की है कि बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए, EPF की राशि जमा कराई जाए और सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र व सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्हें स्थायी रोजगार का दर्जा देने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।