इंदौरः MP News मध्यप्रदेश में नवरात्र के बीच मुस्लिमों के बहिष्कार का ट्रेंड जारी है। हिंदू संगठन और हिंदूवादी नेता इसे अपनी आस्था का संरक्षण बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लव जिहाद और जिहादी मानसिकता के खिलाफ ये कदम जरुरी है। मुस्लिम बॉयकाट के ये अभियान और फरमान केवल एक जगह नहीं बल्कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और मैहर लगभग हर शहर में जारी हो रहे हैं और अब बात गरबा पंडालों तक ही नहीं बल्कि दुकानों और मेला परिसर तक पहुंच चुकी है। कांग्रेस इसे नफरती फरमान बताते हुए सरकार पर तीखे हमले कर रही है तो बीजेपी कह रही है कि – हिंदू त्योहारों की आस्था का ध्यान रखना जरुरी है। एमपी में हर बात पर हर बात पर क्यों हो रहा है हिंदू-मुसलमान और क्यों छिड़ा है घमासान?
MP News मध्यप्रदेश में नवरात्र के बीच हिंदू-मुसलमान को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में आयोजित होने वाले मां कनकेश्वरी गरबा महोत्सव के पंडाल के पास की है, जहां हिंदूवादी नेता और बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के समर्थक जीतू यादव ने मुस्लिम दुकानदारों से नाम पूछते हुए- परदेशीपुरा से मुस्लिम दुकानदारों को हटाने का फरमान जारी किया। इंदौर के ही शीतला माता बाजार में यहां भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने व्यापारियों से लव जिहादियों को बाजार से बाहर करने की अपील की। इसके अलावा ग्वालियर में हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद रामलीला समिति के राम बारात के संयोजक पद से पूर्व पार्षद गुड्डू नूरआलम वारसी को हटा दिया गया। ग्वालियर जिले की सबसे बड़ी रामलीला के आयोजन में वारसी बीते 25 सालों से जुड़े हुए थे। वहीं चौथी तस्वीर मैहर की है, जहां मां शारदा मंदिर परिसर में हिंदू नाम से प्रसाद बेचने वाले दो मुस्लिम युवकों का श्रद्धालुओं से अधिक दाम में प्रसाद देने के बाद विवाद हो गया और पुलिस ने एक्शन लेते हुए यूसुफ और सोनू खान गिरफ्तार कर लिया।
जाहिर है मामले में हिंदू-मुस्लिम का एंगल हो और सियासत ना हो, ये भला कैसे असंभव है। जहां कांग्रेस सरकार पर नफरत फैलाने का आरोप मढ़ रही है। तो बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि- कांग्रेस लव जिहादियों का तुष्टिकरण करती है..जो नाकाबिले बर्दाश्त है। कुलमिलाकर सियासत के नफे और नुकसान अपनी जगह हैं, लेकिन जिस तरह से हिंदू पर्व और त्योहारों से मुस्लिमों का बॉयकाट किया जा रहा है। क्या वो हमारी सहिष्णुता के लिए खतरा तो नहीं बनता जा रहा है? और सवाल ये भी कि आखिर मध्यप्रदेश में मुस्लिमों बारबार बहिस्कार क्यों हो रहा है? क्या इसके पीछे केवल आस्था का ही एंगल है याकि कोई सियासी मकसद?