Vande Bharat/Image Source: ANI
Vande Bharat: नई दिल्ली: ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग का असर आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर साफ नजर आया.. अलविदा जुमे की नमाज के बाद शिया समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जो अपनी गोद में मासूम बच्चों को लेकर पहुंची थीं। उनके हाथों में ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के पोस्टर थे। विरोध का तरीका बेहद तीखा था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, यह केवल दो देशों की नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं की लड़ाई है।
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी और भारत सरकार को घेरा। (Vande Bharat) उन्होंने कहा कि ईरान इस समय असहाय है और अमेरिका बेगुनाह लोगों पर बम बरसा रहा है। मौलाना जव्वाद ने भारत के रुख को निराशाजनक बताते हुए कहा कि, ईरान भारत को तेल के जहाजों की अनुमति दे रहा है, लेकिन भारत इस जुल्म की निंदा तक नहीं कर रहा।
Vande Bharat: जंग की इस आंच को देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर पहली बार NSG कमांडो तैनात किए गए हैं। लखनऊ, अलीगढ़ और बरेली जैसे संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है।
ईरान और इजराइल के बीच की ये जंग अब सात समंदर पार हिंदुस्तान के शहरों में भी चर्चा और विरोध का (Vande Bharat) केंद्र बन गई है। फिलहाल यूपी में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अगले 24 घंटों तक पूरी तरह मुस्तैद हैं।
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