भोपाल, 23 जून (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने उज्जैन में कथित भूमि घोटाले को ‘‘महाकाल की जमीन की लूट’’ करार देते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सत्ता संभालने के बाद उनके परिवार की भूमि 100 एकड़ से बढ़कर 335 एकड़ कथित तौर पर कैसे हो गई। इस संबंध में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
पटवारी ने कहा, ‘‘तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भाजपा राम मंदिर के चंदे की चोरी और महाकाल की जमीन की लूट में शामिल है।’’
उन्होंने मीडिया में प्रकाशित एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने बड़ी मात्रा में भूमि खरीदी।
खबर में दावा किया गया कि दिसंबर 2023 से पिछले दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 137 भूखंड खरीदे, जिनका कुल क्षेत्रफल 168 एकड़ है।
खबर के अनुसार, इन जमीनों का मूल्य लगभग 45 करोड़ रुपये है।
खबर में यह भी दावा किया गया कि अधिकांश भूमि उन क्षेत्रों में है, जहां भाजपा सरकार ने सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग परिवर्तन से संबंधित घोषणाएं की हैं। पटवारी ने कहा कि इस मामले में यादव को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने बाद में ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा, ‘‘आज जो मीडिया खबर सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। मुख्यमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं होते, वे पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यदि उनके खिलाफ इस प्रकार के गंभीर आरोप लगते हैं, तो इससे राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचती है।’’
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।
पटवारी ने कहा, ‘‘हमने सवाल उठाए हैं और उनके उचित जवाब दिए जाने चाहिए। जो लोग इस मामले का बचाव कर रहे हैं, उन्हें बताना चाहिए कि जिस व्यक्ति के पास कथित तौर पर जीवनभर में लगभग 100 एकड़ जमीन थी, वह मंत्री और फिर मुख्यमंत्री बनने के बाद 335 एकड़ जमीन का मालिक कैसे बन गया। महज डेढ़ वर्ष में इतनी बड़ी वृद्धि कैसे हुई? हम यह मुद्दा विधानसभा में उठाएंगे।’’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, ‘‘आपने ‘केरल फाइल्स’, ‘कश्मीर फाइल्स’ और ‘एप्स्टीन फाइल्स’ के बारे में सुना होगा, अब ‘मोहन यादव फाइल्स’ सामने हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर राज्य का मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में शामिल है, तो मंत्रियों का भी उसी राह पर चलना स्वाभाविक है।
भाषा दिमो जितेंद्र
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