मुंबई, नौ मई (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने शनिवार को एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने टीसीएस यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव मामले में आरोपी निदा खान को आश्रय देने के लिए अपनी पार्टी की निगम पार्षद पर दबाव डाला था।
छत्रपति संभाजीनगर के संरक्षक मंत्री और शिवसेना के नेता शिरसाट ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर खान को आश्रय मुहैया कराने वालों और उनके परिवार के सदस्यों को भी एसआईटी की जांच के दायरे में लाने की मांग की है।
नासिक में टीसीएस के कार्यालय में कुछ महिला सहकर्मियों के कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी खान को हफ्तों तक फरार रहने के बाद बृहस्पतिवार को छत्रपति संभाजीनगर में एक घर से हिरासत में ले लिया गया।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के निगम पार्षद मतीन पटेल ने कथित तौर पर खान और उसके परिवार को शहर में आश्रय मुहैया कराया था।
शिरसाट ने आरोप लगाया, “(टीसीएस) से सामने आ रहीं जानकारी हैरान करने वाली हैं। निदा खान पहले मुंब्रा गई, फिर नासिक में इम्तियाज जलील ने उससे मुलाकात की, जिसके बाद जलील ने उसके समर्थन में बयान दिया। वह छत्रपति संभाजीनगर आई और एक महीने से अधिक समय तक यहां ठहरी। जिस घर में वह ठहरी वह एआईएमआईएम के निगम पार्षद से जुड़ा है।”
उन्होंने कहा कि निगम पार्षद निदा खाने के ठिकाने के बारे में अनजान होने का बहाना नहीं बना सकते।
शिरसाट ने आरोप लगाया, “इम्तियाज जलील ने पार्षद पर निदा खान की मदद करने का दबाव डाला।”
शिरसाट ने कहा कि टीसीएस मामला कोई इकलौता मामला नहीं है और “महाराष्ट्र में कई निदा खान हैं।”
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप