‘अस्सी’ समाज में यौन उत्पीडन के बढ़ते मामलों के कारणों को समझने का एक प्रयासः अनुभव सिन्हा

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'अस्सी' समाज में यौन उत्पीडन के बढ़ते मामलों के कारणों को समझने का एक प्रयासः अनुभव सिन्हा

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  • Publish Date - February 19, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - February 19, 2026 / 04:30 PM IST

(कोमल पंचमटिया)

मुंबई, 19 फरवरी (भाषा) फिल्म निर्माता अनुभव सिन्हा का कहना है कि उनकी नयी फिल्म ‘अस्सी’ एक ऐसे समाज में यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों के कारणों को समझने का एक प्रयास है जो इस तरह की हिंसा के प्रति संवेदनहीन हो गया है।

फिल्म में कानी कुसरुति ने बलात्कार पीड़िता और तापसी पन्नू ने उनकी वकील का किरदार निभाया है। यह फिल्म हिंसक यौन उत्पीड़न झेलने वाली दिल्ली की एक महिला की न्याय की लड़ाई और इस दौरान आने वाली पुलिस व न्यायिक कार्यवाही की बाधाओं पर केंद्रित है।

फिल्म का शीर्षक भारत में प्रतिदिन दर्ज होने वाले लगभग 80 (‘अस्सी’) बलात्कार के मामलों के आंकड़ों से लिया गया है।

फिल्म में हर 20 मिनट पर स्क्रीन लाल रंग में दिखाई देती है, जो दर्शकों को याद दिलाती है कि देश में एक और बलात्कार की घटना घटी है।

निर्देशक ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ”विचार यह था कि समाचारों (बलात्कार के मामलों) पर फिर से सोचने की जरूरत है, जिन्हें हम अपने जीवन के एक हिस्से के तौर पर स्वीकार कर चुके हैं। जबकि यह हमसे हजार किलोमीटर दूर किसी और की बेटी के साथ हो रहा है, तब हमें भले ही यह अच्छा नहीं लगें, लेकिन हम इसे इस तरह से स्वीकार कर लेते हैं कि ‘हो गया है अब क्या करें’। मुझे लगता है कि एक समाज के तौर पर हमें इस पर सामूहिक तौर पर सोचने की जरूरत है।”

अनुभव सिन्हा को ‘मुल्क’, ‘आर्टिकल 15’, ‘थप्पड़’, ‘अनेक’ और ‘भीड़’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

सिन्हा ने कहा कि इनमें से काफी घटनाएं घर के भीतर और परिचित लोगों द्वारा होती हैं, और उनका मानना ​​है कि समाज को केवल न्यायपालिका या पुलिस को दोष देने के बजाय ‘सामूहिक तौर’ पर इस समस्या का सामना करना चाहिए।

सिन्हा का दावा है कि ‘अस्सी’ किसी विशेष घटना पर आधारित नहीं है, बल्कि यह कई कहानियों का एक संकलन है जो दुखद रूप से एक समान पैटर्न साझा करती हैं।

टी-सीरीज और सिन्हा द्वारा निर्मित फिल्म ‘अस्सी’ इस शुक्रवार को रिलीज होने वाली है।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश