(Stock Market News/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market News साल 2026 और 2027 में भारतीय शेयर बाजार निवेशकों के लिए मुनाफे का नया दौर लेकर आ सकता है। दुनिया की प्रमुख ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कंपनियों की कमाई 14% तक बढ़ने का अनुमान है। बीता साल 2025 उभरते बाजारों के लिए ऐतिहासिक रहा, जहां इक्विटी ने आठ साल का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि शुरुआत में भारतीय बाजार में ऊंचे वैल्यूएशन के कारण थोड़ी सुस्ती देखी गई, लेकिन अब घरेलू खपत मजबूत होने और वैल्यूएशन सुधारने के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा फिर से भारत की तरफ लौट रहा है।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों का मानना है कि अब भारत में निवेश करने का सबसे सही समय है। 2025 में कंपनियों की कमाई की दर लगभग 10% रहने का अनुमान था, लेकिन 2026 और 2027 में यह 14% तक बढ़ सकती है। यह वृद्धि अन्य उभरते देशों की तुलना में काफी बेहतर और मजबूत है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि भारतीय शेयर बाजार में अच्छे रिटर्न के अवसर मौजूद हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में बाजार की दिशा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तय करेगा। एशिया की कई कंपनियां अब ग्लोबल AI सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। ताइवान और कोरिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों ने इस क्षेत्र में भारी मुनाफा कमाया है। भारत में भी AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े सेक्टर भविष्य में निवेशकों को शानदार रिटर्न दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को ब्याज दरों में संभावित कटौती और तेल की कम कीमतों का भी फायदा मिलेगा। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों में सस्ता तेल मिलने से महंगाई घटती है और कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है। इसका सीधा असर आम निवेशक और उनके बचत पर पड़ता है। यह संकेत है कि बाजार में स्थिरता और बेहतर रिटर्न का मौका है।
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निवेशकों को सिर्फ निष्क्रिय फंड पर भरोसा नहीं करना चाहिए। भारत जैसे बाजार में सक्रिय फंड मैनेजर सही शेयर चुनकर बेहतर रिटर्न दिला सकते हैं। अलग-अलग मार्केट कैप वाली कंपनियों में सोच-समझकर निवेश करना, बाजार के उतार-चढ़ाव में सुरक्षित निवेश का तरीका साबित हो सकता है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।