मुंबई, 15 जुलाई (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को एंटीलिया के बाहर वाहन में जिलेटिन छड़ मिलने और मनसुख हिरेन की हत्या मामले में आरोपमुक्त करने से बुधवार को इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि वाजे के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर ‘‘पर्याप्त से भी अधिक सामग्री’’ मौजूद है।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत के न्यायाधीश चकोर बाविस्कर ने आरोपमुक्त करने की अर्जी के साथ बड़ी संख्या में दस्तावेज दाखिल किए जाने पर बचाव पक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वाजे ने ‘‘हर तरह की दलीलें जोड़ दीं, जिसमें उनकी अपनी व्यक्तिगत धारणा और उनके अनुकूल विचार भी शामिल हैं।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यदि इसमें कुछ और पंक्तियां जोड़ दी जातीं तो मुझे डर है कि यह आरोपमुक्त करने की अर्जी ‘ब्रिटानिका एनसाइक्लोपीडिया’ को भी मात दे देती। बस इसमें एक ही चीज की कमी है और वह है गुण-दोष।’’
अदालत ने कहा कि वाजे इससे पहले भी इसी तरह की अर्जियां दायर कर चुके हैं, जिन्हें निचली अदालत के साथ-साथ मुंबई और दिल्ली उच्च न्यायालय भी खारिज कर चुके हैं।
न्यायाधीश का इशारा वाजे की उस पूर्व अर्जी की ओर था, जिसमें उन्होंने अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए अपने खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि मामले का संज्ञान लेने में समय-सीमा का उल्लंघन हुआ है, जांच में विसंगतियां हैं और कानून के तहत अभियोजन की आवश्यक स्वीकृति भी नहीं ली गई।
एनआईए की विशेष अदालत ने नवंबर 2025 में वह अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद वाजे ने मुंबई उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, लेकिन वहां भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इन दोनों अर्जियों (पहली अर्जी और आरोपमुक्त करने की अर्जी) में मांगी गई राहत का परिणाम एक जैसा है। दोनों अर्जियों में उठाए गए आधार भी लगभग एक जैसे हैं।’’
आरोपमुक्त करने के अनुरोध वाली अर्जी में वाजे ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की सत्यता, विश्वसनीयता और प्रभाव पर गंभीर सवाल उठाए थे।
हालांकि, अदालत ने कहा कि इस चरण पर ‘‘साक्ष्यों के पक्ष-विपक्ष की विस्तृत पड़ताल करना आवश्यक नहीं है।’’
अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री की ‘‘सत्यता, पर्याप्तता और स्वीकार्यता की पड़ताल केवल मुकदमे की सुनवाई के दौरान की जा सकती है, आरोप तय करने के चरण में नहीं।’’
रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें ‘‘इस बात में कोई संकोच नहीं है कि वाजे के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त से भी अधिक सामग्री मौजूद है।’’
दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास ‘एंटीलिया’ के पास 25 फरवरी 2021 को, एक एसयूवी बरामद हुई थी जिसमें जिलेटिन की छड़ मिली थीं।
एसयूवी उस समय कारोबारी मनसुख हिरेन के उपयोग में थी और उसका शव पांच मार्च 2021 को पड़ोसी ठाणे जिले की एक खाड़ी में मिला था।
वाजे को इस मामले में कथित भूमिका के लिए मार्च 2021 में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि वाजे का उद्देश्य धनाढ्य लोगों में दहशत फैलाकर उनसे वसूली करना था, ताकि किसी वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती द्वारा कथित रूप से तय किए गए 100 करोड़ रुपये प्रति माह के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। साथ ही वह एक ‘सुपर कॉप’ के रूप में अपनी ‘‘खोई हुई प्रतिष्ठा’’ भी वापस पाना चाहता था।
एनआईए का यह भी दावा है कि वाजे ने एसयूवी के मूल उपयोगकर्ता मनसुख हिरेन की हत्या की साजिश रची, क्योंकि हिरेन ने विस्फोटकों की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था और एजेंसी की नजर में वह एक ‘‘कमजोर कड़ी’’ थे, जो पूरी साजिश का पर्दाफाश कर सकते थे।
भाषा अमित माधव
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