अप्रैल-मई में विदेशी आय बढ़ने से 2.8 अरब डॉलर के अधिशेष में चालू खाताः आरबीआई आंकड़ा

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अप्रैल-मई में विदेशी आय बढ़ने से 2.8 अरब डॉलर के अधिशेष में चालू खाताः आरबीआई आंकड़ा

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 10:02 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 10:02 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में देश की आय और व्यय का संतुलन कुछ बेहतर हुआ है। इस दौरान देश का चालू खाता 2.8 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.1 अरब डॉलर का घाटा हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

देश के चालू खाते की स्थिति में यह सुधार मुख्य रूप से विदेशों से धनप्रेषण बढ़ने और सेवा निर्यात में वृद्धि के कारण हुआ।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-मई, 2026 के दौरान देश का समग्र भुगतान संतुलन 11 अरब डॉलर के घाटे में दर्ज किया गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में पांच अरब डॉलर का अधिशेष था।

आलोच्य अवधि में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 55.9 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष अप्रैल-मई में 49.7 अरब डॉलर था। इस दौरान आयात बढ़कर 146.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि निर्यात 90.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

आंकड़ों के मुताबिक, सेवा क्षेत्र से शुद्ध प्राप्तियां बढ़कर 34.3 अरब डॉलर हो गईं, जो पिछले वर्ष 31.7 अरब डॉलर थीं। इस दौरान सेवा निर्यात भी बढ़कर 70.4 अरब डॉलर पहुंच गया।

विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा भेजे गए पैसे को मिलाकर शुद्ध अंतरण 29.6 अरब डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले 20 अरब डॉलर था। वहीं, शुद्ध आय निकासी मामूली रूप से घटकर 5.2 अरब डॉलर रह गई।

पूंजी खाते के मोर्चे पर शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़कर 6.5 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 2.5 अरब डॉलर था। इसके विपरीत, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में 12 अरब डॉलर का शुद्ध बहिर्वाह दर्ज किया गया, जो एक साल पहले 80 करोड़ डॉलर था।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय