मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) प्रख्यात गायिका आशा भोसले का मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सोमवार शाम हिंदू रीति-रिवाज और पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती को अंतिम विदाई देने के लिए शिवाजी पार्क के अंदर और बाहर काफी संख्या में लोग एकत्र थे। पृष्ठभूमि में आशा का गाया गीत, ‘‘अभी ना जाओ छोड़कर…’’ बज रहा था।
संगीत की दुनिया पर दशकों तक राज करने वाली महान गायिकाओं की पीढ़ी में शुमार शायद वह आखिरी गायिका थीं। उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज और पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उन्हें बंदूकों की सलामी दी गयी।
‘स्वर साम्राज्ञी’ लता मंगेशकर की बहनों में से एक, आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया था। वह 92 वर्ष की थीं। उनकी बड़ी बहन लता का भी फरवरी 2022 में 92 वर्ष की आयु में रविवार के दिन ही निधन हो गया था।
पुरोहितों ने पीले और नारंगी रंग के गेंदे के फूलों से सजी चिता के चारों ओर मंत्रोच्चार किया। भोसले के बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी।
भोसले की पोती जनाई के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। बहन उषा मंगेशकर और संगीतकार भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी वहां मौजूद थे।
दिवंगत गायिका को अंतिम विदाई देने वालों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा निर्देशक रमेश सिप्पी, अभिनेता आमिर खान और विक्की कौशल शामिल थे।
यह गम और गीत का क्षण था।
चिता को अग्नि दिये जाने से पहले, गायक शान, सुदेश भोसले और अनूप जलोटा ने महान गायिका को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने महज 10 साल की उम्र में शुरू हुए अपने आठ दशक लंबे करियर में लगभग 12,000 गीत गाए।
सुदेश भोसले ने ‘‘ज़िंदगी एक सफ़र है सुहाना’’ गाया, वहीं शान ने ‘‘प्यार के मोड़ पे’’ गाया।
लेकिन ऐसा करने वाले वे अकेले नहीं थे। कई प्रशंसक, प्रार्थना की मुद्रा में हाथ जोड़े हुए गीतों को सुन रहे थे।
मुंबई के लिए यह एक अविस्मरणीय दिन था। लोग सड़कों पर कतारों में खड़े थे, छतों और खिड़कियों पर एकत्र थे और सैकड़ों लोग शवयात्रा के साथ-साथ धीरे-धीरे भोसले के घर लोअर परेल से शिवाजी पार्क की ओर बढ़ रहे थे, ताकि शहर की अपनी ‘आशा ताई’ को उनकी अंतिम यात्रा में साथ दे सकें।
आठ दशकों तक अपने गीतों से लोगों के दिलों पर राज करने वाली गायिका के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़ में ‘‘आशा ताई अमर रहे’’ के नारे गूंज रहे थे।
लाल साड़ी में अपनी खास बिंदी, और नथनी पहनी हुई भोसले की एक विशाल तस्वीर फूलों से सजे वाहन पर रखी गयी थी।
इससे पहले दिन में, भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटे हुए और कांच के ताबूत में उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था।
उनके दशकों पुराने गीत – ‘‘आओ हुजूर तुमको’’, ‘‘आइए मेहरबां’’, ‘‘झुमका गिरा रे’’, ‘‘दिल चीज़ क्या है’’, ‘‘ओ साथी रे’’ और ‘‘याई रे याई रे’’ – पृष्ठभूमि में धीमी आवाज़ में बज रहे थे।
बॉलीवुड सितारे आशा पारेख और हेलेन, रणवीर सिंह, तब्बू, संगीतकार ए आर रहमान, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर तथा राजनीतिक नेता उद्धव ठाकरे, प्रफुल्ल पटेल और सुप्रिया सुले उन लोगों में शामिल थे जो उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए थे।
भोसले को पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और महाराष्ट्र भूषण से नवाजा गया था।
भाषा सुभाष नरेश
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