शिवसेना (उबाठा) ने मुंबई में व्यापक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की, प्रधान का इस्तीफा मांगा

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शिवसेना (उबाठा) ने मुंबई में व्यापक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की, प्रधान का इस्तीफा मांगा

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  • Publish Date - July 24, 2026 / 08:23 PM IST,
    Updated On - July 24, 2026 / 08:23 PM IST

मुंबई, 24 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) की अगुवाई में शुक्रवार को हजारों लोग हाथों में तिरंगे और तख्तियां लिए मध्य मुंबई के दादर इलाके में जुटे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने शिवाजी पार्क में ‘तिरंगा मोर्चा’ निकाला। इस दौरान पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके से बात कर उनसे कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक वह महाराष्ट्र वापस न लौटें।

उद्धव ठाकरे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के हाथ में लाठियां हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हाथ में तिरंगा है।

परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्सों में कॉजपा के नेतृत्व में जारी आंदोलन के बीच यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और कई लोगों को हिरासत में लिया।

शिवाजी पार्क में प्रदर्शनकारियों ने ‘तानाशाही और पेपर लीक से आजादी’ के नारे लगाए। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ बज रहा था। कुछ प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पोस्टर लेकर पहुंचे थे।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि सत्ता पर काबिज लोगों को देखना चाहिए कि प्रदर्शन में कितनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा, “यह ‘जन की बात’ है और दिल्ली को इसे सुनना होगा। जिस तरह छात्रों पर हमला किया गया, उन पर आंसू गैस छोड़ी गई, मैं सरकार को चेतावनी देना चाहता हूं। आपके पास लाठियां हो सकती हैं, लेकिन हमारे पास तिरंगे हैं। अब देखेंगे कि जीत किसकी होती है, तिरंगे वालों की या लाठी वालों की।”

आदित्य ठाकरे ने कहा कि हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।”

आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि उन्होंने अभिजीत दीपके से कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक वह महाराष्ट्र वापस न लौटें।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि कुछ दिन पहले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बावजूद वे बिना डर के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए शिवसेना (उबाठा) के विधायक ने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री डरते हैं, तब हिंदू-मुस्लिम और धर्म की बात करने लगते हैं।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने कहा कि ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के कारण सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है।

अभिनेता आर्य बब्बर भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश