मुंबई, पांच अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने रविवार को राज्य कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल को फोन करके उनसे बारामती विधानसभा क्षेत्र में उनका निर्विरोध उपचुनाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया। सुनेत्रा इस सीट से चुनाव लड़ रही हैं।
हालांकि, कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया कि पार्टी उनकी मांग का समर्थन करने के मूड में नहीं है और पार्टी का उम्मीदवार सोमवार को नामांकन पत्र जमा करने के अंतिम दिन नामांकन दाखिल करेगा।
एक दिन पहले सुनेत्रा पवार ने 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे का समर्थन मांगा था। इस सीट पर चुनाव सुनेत्रा के पति और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जनवरी में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के कारण हो रहा है।
ठाकरे की पार्टी ने अभी तक सुनेत्रा पवार की मांग पर शिवसेना (उबाठा) का रुख स्पष्ट नहीं किया है।
विपक्षी राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह बारामती क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले दिवंगत अजित पवार के सम्मान में उपचुनाव नहीं लड़ेगी।
वर्तमान में राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार सोमवार को उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगी।
सूत्रों ने बताया कि सोमवार को पुणे जिले के बारामती में पार्टी उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल करने के दौरान सपकाल उपस्थित रहेंगे।
अजित पवार बारामती से आठ बार विधायक रहे हैं।
इस बीच, कांग्रेस के सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि यदि उसकी सहयोगी राकांपा (शरदचंद्र पवार) चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करती है तो पार्टी अहिल्यानगर जिले के राहुरी विधानसभा क्षेत्र में आगामी उपचुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
भाजपा विधायक शिवाजी कार्दिले के निधन के बाद राहुरी सीट रिक्त हो गई थी।
शिवसेना नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों से सुनेत्रा पवार को समर्थन देने और उपचुनाव को निर्विरोध कराने की अपील की। उन्होंने महाराष्ट्र में मौजूदा प्रतिनिधि की मृत्यु के कारण होने वाले चुनावों में चुनाव न लड़ने की परंपरा का हवाला दिया।
उन्होंने ठाणे में कहा, ‘महायुति सुनेत्रा पवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मैं सभी दलों से परंपरा का सम्मान करने की अपील करता हूं। ऐसी परिस्थितियों में राज्य में निर्विरोध चुनाव कराने की परंपरा रही है। सभी दलों को इस भावना का समर्थन करना चाहिए।’
इससे पहले, ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हाके ने घोषणा की थी कि उपचुनाव लड़ने में उनकी रुचि है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश