नागपुर, चार अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को उन आरोपों का खंडन किया कि उनके और उनके परिवार के पास सैकड़ों एकड़ जमीन है। मंत्री ने इसे उनकी छवि खराब करने के लिए जानबूझकर की गई कोशिश करार दिया।
राज्य के राजस्व मंत्री ने कहा कि वे इस तरह के आरोप लगाने वालों के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
उनकी ये टिप्पणी नागपुर में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होने की घटना के संदर्भ में आई है, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर इस तरह का दावा करने वाला वीडियो अपलोड किया था।
छत्रपति संभाजीनगर निवासी 39 वर्षीय रामेश्वर शिवाजी दरेकर ने फेसबुक पर तीन अप्रैल को एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने दावा किया था कि बावनकुले और उनके परिवार के पास नागपुर की कामठी तहसील के तीन गांवों में लगभग 1,147 एकड़ जमीन है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बावनकुले के सोशल मीडिया समन्वयक निखिल इंगले की शिकायत पर दरेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इंगले ने कोराडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने कहा कि वीडियो में दी गई सामग्री झूठी और मानहानिकारक है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दरेकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि वीडियो में मंत्री और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
बावनकुले ने नासिक में पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझ पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है कि मेरे पास 80 एकड़ जमीन है, जबकि वास्तव में मेरे पास केवल 28 एकड़ जमीन है। मुझे बदनाम करने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है और इस संबंध में मामला दर्ज किया जा चुका है। मैं संबंधित लोगों के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा।’’
नासिक में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित घरों पर कथित कब्जे के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बावनकुले ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इसमें शामिल लोगों को, चाहे उनका कितना भी प्रभाव क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक आईपीएस अधिकारी और दो आईएएस अधिकारियों वाले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और यह दल 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
उन्होंने जनता से राजस्व अनियमितताओं से संबंधित किसी भी प्रकार के साक्ष्य एसआईटी को सौंपने का आग्रह किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो का हवाला देते हुए बावनकुले ने कहा कि कृषि ऋण माफी पर उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए भ्रामक सामग्री तैयार की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति गरीब किसानों के लिए निर्धारित ऋण माफी का लाभ न उठाएं।
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप