Home » Maharashtra » Notice issued to the Chief Minister to vacate the hostel for the girl who wrote a letter for the cooler, stopped the action
Nagpur Govt Hostel Controversy: भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री से सरकारी हॉस्टल में कूलर लगवाने की मांग करना छात्रा पर पड़ा भारी, मिला कमरा खाली करने का नोटिस, जानिए कहां का है मामला
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मुख्यमंत्री को कूलर के लिए पत्र लिखने वाली छात्रा को छात्रावास खाली करने का नोटिस, कार्रवाई पर रोक
Nagpur Govt Hostel Controversy: नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक सरकारी छात्रावास की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कूलर की व्यवस्था नहीं होने संबंधी पत्र लिखने के कुछ दिन बाद उसे कमरा खाली करने के लिए कहा गया। हालांकि, संबंधित विभाग ने फिलहाल इस कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
छात्रावास का संचालन करने वाले सामाजिक न्याय विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि छात्रा के खिलाफ की गई कार्रवाई को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि आरोप है कि छात्रा किसी कंपनी में काम कर रही है, जबकि छात्रावास केवल विद्यार्थियों के लिए है। इस मामले की जांच की जाएगी।
छात्रा ने CM को लिखा पत्र
अमरावती निवासी आकांक्षा उके ने संवाददाताओं को बताया कि वह जनवरी से क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले सरकारी छात्रावास में रह रही हैं। उसके के अनुसार, अप्रैल में उन्होंने और कुछ अन्य छात्राओं ने भीषण गर्मी को देखते हुए छात्रावास प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग से कूलर लगाने या स्वयं कूलर की व्यवस्था करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि जब छात्रावास प्रबंधन ने सकारात्मक जवाब नहीं दिया, तब उन्होंने 28 अप्रैल को 80 छात्राओं के हस्ताक्षर के साथ मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर समस्या से अवगत कराया।
छात्रा को मिला नोटिस
उके ने बताया कि चार-पांच दिनों के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रतिक्रिया आई और छात्रावास में कूलर लगा दिए गए। उन्होंने कहा कि जब पांच मई को फडणवीस नागपुर आए, तब उन्होंने पांच अन्य छात्राओं के साथ उनसे मुलाकात कर धन्यवाद भी दिया था।हालांकि, 26 मई को उन्हें छात्रावास प्रशासन की ओर से एक पत्र मिला, जिसमें यह कहते हुए छात्रावास खाली करने को कहा गया कि वह पूर्णकालिक नौकरी कर रही हैं और छात्रा नहीं हैं।उके ने दावा किया कि वह एक स्थानीय कंपनी में इंटर्नशिप कर रही हैं और साथ ही एमबीए की पढ़ाई भी कर रही हैं।
निष्कासन कार्रवाई फिलहाल रुकी
स्थानीय मीडिया में इस बारे में खबरें आने के बाद नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने संज्ञान लिया, जिसके बाद नोटिस पर रोक लगा दी गई।संपर्क करने पर सामाजिक न्याय विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उके की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए फिलहाल निष्कासन संबंधी पत्र रद्द कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि छात्रावास अधीक्षक से बातचीत में उन्हें बताया गया कि छात्रा ने कंपनी में कार्यरत होने के बावजूद छात्रावास में कमरा हासिल किया, जबकि इसकी अनुमति नहीं है। तेलगोटे ने कहा कि उके की वास्तविक स्थिति के बारे में कंपनी से जानकारी ली जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।