बेस्ट बस हड़ताल: सुबह केवल चार बसे चलीं, यात्री रहे परेशान

बेस्ट बस हड़ताल: सुबह केवल चार बसे चलीं, यात्री रहे परेशान

बेस्ट बस हड़ताल: सुबह केवल चार बसे चलीं, यात्री रहे परेशान
Modified Date: June 20, 2026 / 03:51 pm IST
Published Date: June 20, 2026 3:51 pm IST

मुंबई, 20 जून (भाषा) बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं यातायात (बेस्ट) की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही और इसे हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का पूरा समर्थन मिला। सुबह के समय 2,766 बसों में से केवल चार बसें ही सड़कों पर उतरीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

बेस्ट द्वारा सुबह 10 बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, 246 निर्धारित बेस्ट-स्वामित्व वाली बसों में से कोई भी डिपो से बाहर नहीं निकली, जबकि 2,521 बसों के निर्धारित संचालन के मुकाबले केवल चार ‘वेट-लीज’ बसें (निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई) ही सड़कों पर चल रही थीं।

बेस्ट की बसों के न चलने के कारण, मुंबई के आम लोगों को यातायात के सस्ते साधनों के तौर पर साझा टैक्सी या ऑटो-रिक्शे का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने बाइक टैक्सी का इस्तेमाल किया।

परेल के एमडी कॉलेज के एक छात्र ने बताया कि वह आम तौर पर रोज़ डोंगरी से बस से आता-जाता है, लेकिन हड़ताल की वजह से उसे बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करना पड़ा, जो उसके रोज़ के सफ़र के खर्च से काफ़ी ज़्यादा महंगी थी।

छात्राओं के एक समूह ने बताया कि उन्हें परेल रेलवे स्टेशन से पैदल आना पड़ा क्योंकि सुबह की भीड़-भाड़ के समय कैब मिलना मुश्किल था।

कार्यालय जाने वाले कुछ लोगों ने कहा कि शुक्रवार के मुकाबले अफरा-तफरी की स्थिति कम थी, क्योंकि यात्रियों को हड़ताल के बारे में पहले से पता था और वे बस स्टॉप पर इंतज़ार करने से बच रहे थे।

इसके अलावा, शनिवार को लोकल ट्रेनों और मेट्रो सेवाओं में भीड़ कम थी। कई ऑफिस जाने वालों ने घर से काम करने का विकल्प चुना।

बेस्ट के अपने कर्मचारियों में, निर्धारित 1,937 चालकों के मुकाबले केवल 26 बस चालक ही ड्यूटी पर आए जबकि 2,646 निर्धारित कर्मचारियों के मुकाबले केवल नौ कंडक्टर उपस्थित हुए।

बस निरीक्षकों की उपस्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां 221 निर्धारित कर्मियों में से 119 कर्मी ड्यूटी पर उपस्थित हुए।

बेस्ट के आकंडों के अनुसार, पट्टे पर ली गईं बसों का संचालन भी इसी तरह प्रभावित रहा, जहां 3,063 निर्धारित चालकों के मुकाबले केवल आठ चालक ही ड्यूटी पर आए, जबकि 1,137 निर्धारित कंडक्टरों में से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।

बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति के संयोजक उदय अंबोनकर ने शुक्रवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया ‘‘किसी ठोस फैसले के अभाव में, हमने अपना आंदोलन जारी रखने का फ़ैसला किया है।’’

इस हड़ताल का देश की आर्थिक राजधानी में लाखों लोगों के रोजाना के सफर पर बुरा असर पड़ा है। बस सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद होने के कारण कार्यालय जाने वालों, छात्रों, बुज़ुर्गों और मरीज़ों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ कर्मचारी संघों का प्रतिनिधित्व करने वाली संयुक्त समिति, ‘संयुक्त कामगार कृति समिति’ ने अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल का आह्वान किया है।

उपनगरीय रेलवे नेटवर्क के बाद बेस्ट मुंबई का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक परिवहन है। बेस्ट मौजूदा समय में लगभग 2,700 बस का संचालन करती है, जिनमें से ज्यादातर निजी ऑपरेटर से पट्टे पर ली गई हैं।

यह दक्षिण और मध्य मुंबई में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति भी करता है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में – बेस्ट के बजट का बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगर पालिका) के बजट के साथ विलय करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का एकमुश्त भुगतान, 2016-2026 की अवधि के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना, परिवहन और बिजली विभागों में अनुबंध व्यवस्था को समाप्त करना, और पट्टे पर ली गई बस के कर्मचारियों को बेस्ट में शामिल करना शामिल हैं।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर एक्शन कमेटी के नेताओं, शहरी विकास विभाग के अधिकारियों और बेस्ट प्रशासन के साथ एक संयुक्त बैठक की, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही।

भाषा शोभना पवनेश

पवनेश


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