भिवंडी फार्महाउस सामूहिक दुष्कर्म: पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

भिवंडी फार्महाउस सामूहिक दुष्कर्म: पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

भिवंडी फार्महाउस सामूहिक दुष्कर्म: पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Modified Date: September 28, 2026 / 08:03 pm IST
Published Date: September 28, 2026 8:03 pm IST

ठाणे, 28 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी की एक अदालत ने सोमवार को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस मामले में पवार और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एन. के. करांडे ने कल्याण पश्चिम के पूर्व विधायक पवार की याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया मामला बनता है। अदालत ने कहा कि प्रभावी जांच के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

पवार पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता महिला को 13 सितंबर को अपने कार्यालय बुलाया था ताकि उसके और उसके पति के बीच विवाद को सुलझाया जा सके। इसके बाद वह उसे भिवंडी के बापगांव स्थित एक फार्महाउस ले गए। आरोप है कि यहां पवार और एक अन्य आरोपी शैलेश पाटिल ने महिला को शराब पिलाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।

प्राथमिकी के अनुसार, महिला को पिस्तौल दिखाकर धमकाया गया और घटना के बाद पीड़िता को उसके घर के पास छोड़ दिया गया।

पवार के वकील ने अदालत में कहा कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और स्थानीय राजनीतिक विवादों तथा पैसे के लेन-देन के दबाव के कारण उसे झूठा फंसाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यौन संबंध आपसी सहमति से बने थे।

पवार के वकील ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने में तीन दिन की देरी से संदेह पैदा होता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कथित घटना के कुछ दिन बाद 24 सितंबर को पीड़िता गणपति उत्सव के लिए पवार के घर गई थी।

याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक मुंढे ने कहा कि पवार प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति हैं और उनका आपराधिक इतिहास भी रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय जांच कराने, हथियार (पिस्तौल), वाहन, आरोपियों के मोबाइल फोन और कथित तौर पर हटाए गए फार्महाउस के सीसीटीवी फुटेज बरामद करने के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

यह मानते हुए कि मामले में सामूहिक दुष्कर्म और साझा मंशा के गंभीर आरोप शामिल हैं, अदालत ने पवार को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

अदालत ने कहा, ‘आरोप गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया मामला बनता है। प्रभावी जांच के लिए आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।’

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


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