भाजपा की विचारधारा सभी के लिए काम करने की सीख देती है: गडकरी

भाजपा की विचारधारा सभी के लिए काम करने की सीख देती है: गडकरी

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 09:21 AM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 09:21 AM IST

नागपुर, 10 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा अपने कार्यकर्ताओं को जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी के लिए काम करना सिखाती है और पार्टी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है।

नागपुर में शुक्रवार को चुनाव प्रचार के दौरान गडकरी ने कहा कि यदि भाजपा-शिवसेना गठबंधन 15 जनवरी को होने वाले नागपुर महानगर पालिका चुनाव में पूर्ण बहुमत से जीतता है, तो लोगों की आकांक्षाएं और सपने पूरे होंगे।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं उम्मीदवारों के प्रदर्शन की गारंटी देते हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता गडकरी ने शहर में तीन जनसभाएं कीं और पार्टी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हम मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आतंकवादियों और पाकिस्तान के खिलाफ हैं। इस देश के लिए बलिदान देने वाले मुसलमान हमारे लिए उतने ही प्रिय हैं जितने हिंदू। कोई मस्जिद, गुरुद्वारा या बौद्ध विहार जा सकता है, लेकिन हम कहते हैं कि हमारा खून एक है, हम भारतीय हैं और सभी के लिए काम करते हैं।”

उन्होंने दोहराया कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन के पूर्ण बहुमत से चुने जाने पर लोगों की सभी आशाएं, इच्छाएं और सपने पूरे होंगे।

गडकरी ने कहा, “मैं भाजपा उम्मीदवारों की ओर से गारंटर रहूंगा।” इस दौरान उन्होंने स्वयं तथा महाराष्ट्र सरकार द्वारा कराई गई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

उत्तरी नागपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेता यह गलत सूचना फैला रहे हैं कि भाजपा के सत्ता में आने पर हिंसा होगी।

नागपुर के सांसद ने कहा कि भाजपा की विचारधारा अपने कार्यकर्ताओं को बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए काम करना सिखाती है।

गडकरी ने कहा कि वह भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, लेकिन वह उन सभी के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जिन्होंने उन्हें वोट दिया है और जिन्होंने नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि वह जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर सभी के लिए काम करते हैं।

उन्होंने इस “गलत सूचना” का भी खंडन किया कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है और कहा कि कांग्रेस ने ही 80 बार संविधान में बदलाव करने की कोशिश की थी।

भाषा खारी सुरभि

सुरभि