बीएमसी चुनाव : जद(एस) ने शिकायत वापस ली, नार्वेकर के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे पूर्व सांसद राठौड़

बीएमसी चुनाव : जद(एस) ने शिकायत वापस ली, नार्वेकर के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे पूर्व सांसद राठौड़

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 01:04 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 01:04 PM IST

मुंबई, पांच जनवरी (भाषा) जनता दल (सेक्युलर) ने आगामी बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए कोलाबा क्षेत्र में नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित अपनी शिकायत वापस ले ली है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सोमवार को यह जानकारी दी।

हालांकि, पूर्व सांसद हरिभाऊ राठौड़ ने कहा कि वह नार्वेकर के खिलाफ अपनी व्यक्तिगत शिकायत बरकरार रखेंगे।

राठौड़ ने यह स्पष्ट किया कि भले ही जद(एस) ने अपनी शिकायत वापस ले ली हो, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग के पास उनकी शिकायत अब भी बरकरार है और उनका इरादा इसे तर्कसंगत निष्कर्ष तक पहुंचाना है।

विभिन्न विपक्षी दलों ने नार्वेकर पर नगर निगम चुनाव के लिए लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और इस प्रक्रिया से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।

दक्षिण मुंबई के कोलाबा से भाजपा के विधायक नार्वेकर ने इन आरोपों को ‘निराधार’ और ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया।

सोमवार को नवीनतम घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नार्वेकर ने कहा कि जद (एस) ने अपनी शिकायत उस समय वापस ले ली जब उसके तीन उम्मीदवारों में से दो के नामांकन को स्वीकार कर लिया गया।

नार्वेकर ने यहां पत्रकारों से कहा, “पार्टी ने स्वयं राज्य निर्वाचन आयुक्त को सूचित किया कि वह अपनी शिकायत वापस ले रही है क्योंकि तीन में से दो नामांकन स्वीकार कर लिए गए हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को अपने उम्मीदवारों के नामांकनों की स्थिति का पता नहीं था और शिकायत दर्ज कराकर वह उनके खिलाफ एक ‘झूठा विमर्श’ बनाने की कोशिश कर रही थी।

यह विवाद कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड 225, 226 और 227 से संबंधित है, जहां नार्वेकर के रिश्तेदार आगामी बीएमसी चुनाव में उम्मीदवार हैं। उनके भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवालकर और भाभी हर्षिता शिवालकर इन वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं।

कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था ताकि नार्वेकर के रिश्तेदारों की निर्विरोध जीत सुनिश्चित किया जा सके।

राठौड़ ने पहले आरोप लगाया था कि जब वह अपने बेटे के नामांकन के लिए उसके साथ गए थो तो नार्वेकर ने उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई थी।

राठौड़ ने यह आरोप भी लगाया कि नार्वेकर 30 दिसंबर को निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में शाम पांच बजे तक मौजूद रहे और उन्होंने अधिकारियों को नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया धीमी करने का निर्देश दिया।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा