मुंबई, एक जनवरी (भाषा) मुंबई नगर निकाय की 227 में से 32 सीट पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा, क्योंकि इन सीट पर कोई मजबूत तीसरे मोर्चे का उम्मीदवार मैदान में नहीं होगा।
ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस-वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) गठबंधन ने इन सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।
महायुति के घटक दल भाजपा व एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए साझा मोर्चा बनाया है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) व राज ठाकरे की मनसे ने मराठी भाषा और संस्कृति को “संरक्षित” करने के नाम पर गठबंधन किया है।
सूत्रों के अनुसार, वीबीए के लिए मुंबई में उसके हिस्से में आई 62 सीट में से 21 सीट पर उम्मीदवार उतारना आसान नहीं रहा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अनुपयुक्त उम्मीदवार उतारने के बजाय वीबीए ने वहां उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया, जबकि कुछ सीटों पर दस्तावेज में कमी की वजह से समस्या आई।
स्थिति को भांपते हुए वीबीए ने मंगलवार सुबह कांग्रेस को अवगत कराया कि वह केवल पांच सीट पर चुनाव लड़ेगी और शेष 16 सीट पर कांग्रेस को अपने उम्मीदवार उतारने को कहा।
कांग्रेस ने मुंबई में अब तक 143 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। वीबीए 46 सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि वाम दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई हैं। इस तरह कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 195 सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं।
इसके कारण ऐसी 32 सीट हैं जिन पर किसी बड़े तीसरे मोर्चे ने उम्मीदवार नहीं उतारा है, जिससे वोट बंटवारे की संभावना नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह स्थिति ठाकरे खेमे के लिए फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि भाजपा विरोधी वोट नहीं बंटेगा।”
उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी।
इस बीच, कांग्रेस और वीबीए ने बुधवार को मुंबई में गठबंधन के भीतर दरार की खबरों को खारिज कर दिया। ये खबरें वीबीए के हिस्से की 16 सीट पर किसी भी दल द्वारा उम्मीदवार न उतारे जाने को लेकर सामने आई थीं।
कांग्रेस की मुंबई इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, “हमारे गठबंधन की घोषणा के बाद से सत्ताधारी पक्ष की जमीन खिसक रही है। हमारे बीच किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। इसके उलट, हमारे कार्यकर्ता और नेता लगातार आपसी संपर्क में हैं।”
वीबीए ने भी सीट बंटवारे को लेकर मतभेद की खबरों को खारिज किया।
पार्टी प्रवक्ता सिद्धार्थ मोकले ने कहा कि ऐसे दावे सत्ताधारी दलों की ओर से प्रायोजित हैं।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस को पहले से जानकारी थी कि वीबीए उन 16 सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी। कांग्रेस ने उसी अनुसार कदम उठाए हैं और नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।”
भाषा खारी मनीषा
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