ओबीसी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य समन्वय आवश्यक: फडणवीस

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ओबीसी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य समन्वय आवश्यक: फडणवीस

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 10:23 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 10:23 PM IST

मुंबई, 19 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए कल्याणकारी योजनाओं को केंद्र और राज्य सरकार के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समुदाय का विकास महाराष्ट्र की समग्र प्रगति का आधार है।

फडणवीस ने यहां ओबीसी कल्याण से संबंधित संसदीय समिति के सदस्यों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अलग से अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग के गठन से पिछड़े समुदायों के लिए शैक्षिक और आर्थिक पहलों में तेजी आई है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, महाराष्ट्र के अन्य पिछड़ा वर्ग बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे, संसदीय समिति के अध्यक्ष गणेश सिंह और समिति के अन्य सदस्य बैठक में मौजूद रहे।

फडणवीस ने कहा, ‘‘ओबीसी समुदाय का विकास राज्य की सर्वांगीण प्रगति का आधार है।’’ उन्होंने कहा कि ओबीसी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ओबीसी के शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग बहुजन कल्याण विभाग के अलग से गठन से ओबीसी, विमुक्त जाति और खानाबदोश जनजाति (वीजेएनटी), विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) और अन्य पिछड़े समुदायों के लिए कल्याणकारी पहलों में तेजी आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को छात्रवृत्ति, विदेश में शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों को शुल्क में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए आश्रम स्कूल भी संचालित किए जाते हैं।

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में लड़कों और लड़कियों के लिए 72 छात्रावास स्थापित किए गए हैं तथा उन्होंने इस पहल को लगातार आगे बढ़ाने के लिए मंत्री सावे को श्रेय दिया।

उन्होंने बताया कि जिन छात्रों को इन छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनके लिए सरकार ने ‘स्वयं’ योजना शुरू की है, जिसके तहत आवास और शैक्षिक खर्चों के लिए 60,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

भाषा यासिर पवनेश

पवनेश