मुंबई, पांच मार्च (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रतिकूल राजनीतिक समीकरणों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार की उम्मीदवारी वे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से पार्टी राज्यसभा चुनाव में प्रियंका चतुर्वेदी को पुन: उम्मीदवार नहीं बना सकी।
राउत ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) की यह प्रबल इच्छा थी कि चतुर्वेदी संसद के उच्च सदन के लिए फिर से चुनी जाएं लेकिन पार्टी के पास पर्याप्त संख्या नहीं है और पवार जैसे वरिष्ठ नेता के मैदान में उतरने से इस सीट पर चुनाव लड़ना मुश्किल हो गया।
राउत ने घटनाक्रम के बारे में कहा, ‘‘पार्टी की इच्छा थी कि प्रियंका चतुर्वेदी राज्यसभा में लौटें, लेकिन आवश्यक संख्या नहीं थी। पवार साहब जैसे वरिष्ठ नेता के मैदान में होने से हमें यह फैसला करना पड़ा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि राजनीतिक समीकरण हमारे पक्ष में होते और पवार चुनाव नहीं लड़ते, तो शिवसेना (उबाठा) इस सीट पर शत प्रतिशत चुनाव लड़ती तथा चतुर्वेदी को एक और अवसर देती।’’
महाराष्ट्र से राज्यसभा की सात सीट अगले महीने रिक्त हो रही हैं।
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में महाराष्ट्र से महाविकास आघाडी (एमवीए) उम्मीदवार के तौर पर शरद पवार के समर्थन की बुधवार को घोषणा की।
इस फैसले के साथ ही एमवीए के उम्मीदवार को लेकर कई दिनों से जारी अटकलों का अंत हो गया।
इससे पहले, एमवीए में शामिल तीन दलों कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उबाठा) ने इस सीट पर उम्मीदवारी के लिए अपना-अपना दावा पेश किया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए बुधवार को चार उम्मीदवारों की घोषणा की, जिनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और राज्य सरकार के पूर्व मंत्री विनोद तावड़े शामिल हैं।
आठवले और तावड़े के अलावा पार्टी ने नागपुर की पूर्व महापौर माया चिंतामन इवनाते और विधान परिषद के पूर्व सदस्य रामराव वाडकुटे को भी द्विवार्षिक चुनाव के लिए मैदान में उतारा है।
इन सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पांच मार्च को समाप्त होगी।
राउत ने महाराष्ट्र से राज्यसभा के चार उम्मीदवारों की भाजपा की सूची पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आठवले का फिर से नामांकन अपेक्षित था, जबकि तावड़े की उम्मीदवारी उल्लेखनीय है।
उन्होंने कहा कि तावड़े का नामांकन 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में टिकट नहीं दिए जाने के बाद, पिछले छह से सात वर्षों में पार्टी के लिए किए गए उनके संगठनात्मक कार्यों को सराहे जाने के रूप में देखा जा सकता है।
राउत ने कहा कि इस अवधि में तावड़े ने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया और राज्यसभा के लिए उनका नामांकन उन प्रयासों के लिए पुरस्कार जैसा दिखता है।
राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में 230 से अधिक विधायकों के साथ, भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन अपने चारों उम्मीदवारों को जिताने की स्थिति में है।
महायुति में भाजपा सहयोगियों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना को एक-एक उम्मीदवार नामित करना है।
इस वर्ष महाराष्ट्र से राज्यसभा के जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार, आठवले, राकांपा (शप) की फौजिया खान, रजनी पाटिल (कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी और भाजपा नेता धनंजय पाटिल एवं भगवत कराड शामिल हैं।
मतदान 16 मार्च को पूर्वाह्न नौ बजे से अपराह्न चार बजे के बीच होगा और मतगणना उसी दिन अपराह्न पांच बजे शुरू होने की संभावना है।
भाषा
सिम्मी संतोष
संतोष