अमरावती, 17 मई (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को ‘विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस’ के अवसर पर वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने राज्य में तेजी से विकसित हो क्वांटम प्रौद्योगिकी के पारिस्थितिकी तंत्र को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर राष्ट्रों के भविष्य के लिए सुरक्षित संचार, विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना और साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।
नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “आज विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस है। यह हमें याद दिलाता है कि सुरक्षित संचार, विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना और साइबर सुरक्षा राष्ट्रों के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अमरावती क्वांटम वैली नवाचार, अनुसंधान और स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास द्वारा संचालित विश्व स्तरीय क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 अप्रैल को ‘क्वांटम कंप्यूटिंग रेफरेंस फैसिलिटी’ के आरंभ के बाद अमरावती क्वांटम वैली नवाचार, अनुसंधान और स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास द्वारा संचालित विश्व स्तरीय क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि अमरावती का एक निजी कॉलेज, सी-डॉट, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और अमरावती क्वांटम वैली के सहयोग से, संचार और साइबरस्पेस के लिए अपनी तरह का पहला क्वांटम-सुरक्षित संचार परीक्षण केंद्र स्थापित करेगा।
नायडू ने कहा कि यह सुविधा क्वांटम संचार हार्डवेयर, फोटोनिक और ऑप्टिकल सिस्टम, एन्क्रिप्शन तकनीक, सुरक्षित नेटवर्क अवसंरचना और अगली पीढ़ी के साइबर रक्षा समाधानों के अनुसंधान और परीक्षण में सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ तकनीकों, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना और अमरावती को अग्रणी प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण और गहन तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रति आंध्र प्रदेश की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से आंध्र प्रदेश के छात्रों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और युवा नवोन्मेषकों को भविष्य की प्रौद्योगिकियों के विकास में भाग लेने के अवसर मिलेंगे।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप