मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को घाटकोपर ‘हिट-एंड-रन’ मामले में 17 वर्षीय आरोपी को मिली जमानत रद्द कर दी। यह फैसला पीड़ित की पत्नी की याचिका पर लिया गया, जिन्होंने दुर्घटना के एक महीने बाद लड़के को रिहा किए जाने के निर्णय को चुनौती दी थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुजीबुद्दीन शेख ने किशोर न्याय बोर्ड को निर्देश दिया कि वह नाबालिग को अपनी हिरासत में ले और उसे बाल सुधार गृह भेजने का आदेश जारी करे।
यह घटना पांच फरवरी को विद्याविहार में सोमैया कॉलेज के पास हुई थी, जहां एक व्यापारी का नाबालिग बेटा कार चला रहा था और उसकी कार एक स्कूटर से टकरा गई थी। इस हादसे में स्कूटर सवार ध्रुमिल पटेल की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी मीनल गंभीर रूप से घायल हो गईं।
लड़के और उसके पिता पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने, गैर-इरादतन हत्या, दूसरों की जान और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा, नाबालिग आरोपी पर किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
सात मार्च को किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी थी, जिसके बाद मृतक की पत्नी ने अप्रैल में इस फैसले को चुनौती देते हुए सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
भाषा शफीक नरेश
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