दिल्ली में पत्थरों से मिले निशानों को आधार से जोड़कर की जाएगी प्रदर्शनकारियों की पहचान: भाजपा मंत्री

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दिल्ली में पत्थरों से मिले निशानों को आधार से जोड़कर की जाएगी प्रदर्शनकारियों की पहचान: भाजपा मंत्री

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 08:11 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 08:11 PM IST

मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता चंद्रकांत पाटिल ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के दौरान कथित रूप से इस्तेमाल किए गए छोटे से छोटे पत्थरों से भी प्रदर्शनकारियों की उंगलियों के निशान जुटाए हैं।

उन्होंने कहा कि इन निशानों को आधार नंबर से जोड़कर प्रदर्शनकारियों की पहचान की जाएगी।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बृहस्पतिवार को पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह बयान दिया था।

शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) नेता संजय राउत ने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के लिए पाटिल के नाम की सिफारिश करने को कहेंगे।

कॉजपा ने परीक्षा पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने तक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान झड़प और पथराव भी हुआ।

सबसे ज्यादा हिंसा 20 जुलाई को उस समय हुई, जब हजारों प्रदर्शनकारियों ने ‘संसद चलो’ मार्च निकालने की कोशिश की।

इस दौरान झड़पें हुईं, जिसमें प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मी भी घायल हुए।

पाटिल ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है ताकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों और कथित विदेशी संबंधों वाले लोगों की प्रदर्शन में भागीदारी का पता लगाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस ने एक ऐसी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जो सभी को हैरान कर देगी। इसमें उन्नत तकनीक के आधार पर यह विश्लेषण शामिल है कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोग और विदेशी तत्व किस तरह प्रदर्शन में शामिल थे। उन्होंने प्रदर्शन में इस्तेमाल किए गए छोटे से छोटे पत्थरों को भी जुटाया है।”

मंत्री ने कहा, “इन पत्थरों पर मिले उंगलियों के निशानों को उनकी पहचान और उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच के लिए आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। पुलिस इस रिपोर्ट के आधार पर अपने दावों को साबित करेगी।”

पाटिल ने यह भी संकेत दिया कि प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिवसेना (उबाठा) सांसद राउत ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री पर तंज कसा और कहा कि फडणवीस को ‘ऐसे असाधारण वैज्ञानिक आविष्कार’ के लिए पाटिल के नाम की सिफारिश नोबेल पुरस्कार समिति से करनी चाहिए।

राउत ने पत्रकारों से कहा, “पाटिल के पास उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग है, जिसमें निश्चित रूप से विज्ञान भी शामिल है। इस तरह का आविष्कार नोबेल पुरस्कार के लिए सिफारिश के योग्य है।”

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश