अदालत का नीरव मोदी की बहन को वीडियो कॉन्फ्रेंस से बयान दर्ज कराने की अनुमति देने से इनकार
अदालत का नीरव मोदी की बहन को वीडियो कॉन्फ्रेंस से बयान दर्ज कराने की अनुमति देने से इनकार
मुंबई, 10 अगस्त (भाषा) मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की बहन पूर्वी द्वारा दायर उस याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी मामले में अपना बयान वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दर्ज कराने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
वर्ष 2018 के पीएनबी घोटाला मामले में नीरव मोदी मुख्य आरोपियों में शामिल है और वह फिलहाल लंदन की एक जेल में है।
नीरव मोदी की छोटी बहन पूर्वी मोदी बेल्जियम की नागरिक हैं और पहले ही सीबीआई अदालत में सरकारी गवाह बनने के लिए याचिका दायर कर चुकी हैं।
सीबीआई ने कहा था कि उनकी सरकारी गवाह बनने की याचिका पर निर्णय लेने से पहले उनका बयान दर्ज किया जाना आवश्यक है।
पूर्वी मोदी के वकील ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बयान दर्ज कराने की अनुमति दी जाए।
हालांकि, विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश सुभाष करहाले ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी।
इससे पहले, पूर्वी मोदी और उनके पति मयंक मेहता धन शोधन के एक मामले में पहले ही सरकारी गवाह बन चुके हैं, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।
पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्वी मोदी को भी आरोपी बनाया गया है, जिसमें ईडी और सीबीआई दोनों द्वारा कई आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
भाषा गोला अमित
अमित

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