नासिक, आठ अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक अदालत ने बुधवार को स्वयंभू बाबा अशोक खरात को बलात्कार के दूसरे मामले में 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में स्वयंभू बाबा पर आरोप है कि उसने 2020 से धार्मिक अनुष्ठानों की आड़ में एक महिला का कई बार यौन शोषण किया।
खरात के खिलाफ मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को दूसरे मामले में खरात की पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एन इचपुरानी की अदालत में पेश किया।
सुरक्षा कारणों से खरात को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं किया गया और कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की गयी।
सुनवाई के दौरान, जब अदालत ने खरात से उसका नाम पूछा, तो उसने हाथ जोड़कर अपना नाम बताया। एसआईटी ने रिमांड रिपोर्ट पेश की और मामले में उसकी न्यायिक हिरासत मांगी। इसके बाद अदालत ने उसे 21 अप्रैल तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अब खरात को नासिक रोड केंद्रीय जेल भेजा जाएगा।
उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले के सरकारवाडा पुलिस थाने में 35-वर्षीय एक महिला द्वारा बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने के बाद खरात को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
तदनुसार, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और महाराष्ट्र मानव बलि एवं अन्य अमानवीय, बुरी और अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू की रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम, 2013 की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
दूसरे मामले की पीड़िता 2013 से खरात के संपर्क में थी, जब वह पहली बार एक रिश्तेदार की सलाह पर अपने विवाह तय कराने के लिए उससे मिली थी। शिकायत के अनुसार, विवाह के बाद भी वह पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने के बहाने महिला के संपर्क में रहा और उसका यौन शोषण किया।
उक्त महिला के इस विवाह से दो बच्चे हैं। बाद में वैवाहिक कलह के कारण वह अपने पति से अलग हो गई। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसने अपने भविष्य और पुनर्विवाह की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए खरात से दोबारा संपर्क किया, तो उसने उसका यौन शोषण शुरू कर दिया।
महिला की शिकायत के अनुसार, खरात ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने उसका बलात्कार किया। शिकायत के अनुसार, जब वह गर्भवती हो गई, तो उसने उसे गोलियां दीं और गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया।
शिकायत में कहा गया है कि खरात ने फरवरी 2020 से महिला का यौन शोषण किया और विरोध करने पर उसे तथा उसके बच्चों का जीवन बर्बाद करने की धमकी दी।
बलात्कार का पहला मामला दर्ज होने के बाद खरात के कुकर्मों का खुलासा हुआ, जिसके बाद इस महिला ने हिम्मत जुटाकर 21 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
खरात पर नासिक और अहिल्यानगर में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं।
एसआईटी ने यौन शोषण के तीसरे मामले में खरात की हिरासत का अनुरोध करते हुए अदालत में अर्जी दायर की है। इस मामले में उसे नौ अप्रैल को अदालत में पेश किया जाएगा।
खरात नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है और वर्षों से कई नेताओं से मिलता रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद प्रमुख नेताओं के साथ खरात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिससे राज्य में राजनीतिक बवाल मच गया।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश