Martyr Soldier Satara. Image Source- IBC24
सातारा। Martyr Soldier Satara: महाराष्ट्र के सातारा जिले के आरे दरे गांव में ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव की गलियों से जब तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गुजरा, तो लोग हाथ जोड़कर सिर झुकाए खड़े थे। यह अंतिम यात्रा भारतीय सेना के वीर जवान प्रमोद जाधव की थी, जो अचानक एक दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हो गए। खुशियों से भरा उनका घर पल भर में मातम में बदल गया। प्रमोद जाधव कुछ ही दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे। परिवार नन्हे मेहमान के आने की तैयारी में जुटा था, क्योंकि उनकी पत्नी गर्भवती थीं। घर में खुशियों की उम्मीद थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सड़क हादसे ने न सिर्फ एक जवान की जान ली, बल्कि एक परिवार के सपनों को भी तोड़ दिया।
Martyr Soldier Satara: जैसे ही गांव में शहादत की खबर पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सेना और प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। हर आंख नम थी और हर चेहरा गहरे दुख में डूबा हुआ था। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। इस पूरे दृश्य में सबसे भावुक कर देने वाला पल तब आया, जब प्रमोद जाधव की पत्नी को अस्पताल से स्ट्रेचर पर अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। हाल ही में उनकी डिलीवरी हुई थी और शारीरिक रूप से वह बेहद कमजोर थीं, लेकिन पति को आखिरी बार देखने की चाह उन्हें वहां खींच लाई। कांपते होंठ, बहते आंसू और टूटा हुआ दिल उस पल का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल था।
गांव के लोगों ने कहा कि प्रमोद जाधव न सिर्फ देश के लिए समर्पित सैनिक थे, बल्कि अपने परिवार के लिए भी मजबूत सहारा थे। आज गांव ने अपना बेटा खो दिया है। तिरंगे में लिपटा यह पार्थिव शरीर भले ही अंतिम यात्रा पर था, लेकिन प्रमोद जाधव का बलिदान और उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।