संयुक्त राष्ट्र, 26 सितंबर (भाषा) भारत ने खाड़ी क्षेत्र में अशांति पर चिंता जताने के साथ यूक्रेन में संघर्ष को भी ‘‘समान रूप से चिंताजनक’’ बताते हुए शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में विश्व नेताओं से कहा कि ‘‘अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए।’’
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें उच्चस्तरीय सत्र की आम चर्चा को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘‘इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष देख रहे हैं, जिससे पहले से ही मुश्किल हालात और बिगड़ रहे हैं। जारी तनाव को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।’’
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाए जाने को ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ बताया।
जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा तथा व्यापार के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने का आह्वान करता है।’’
उन्होंने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष, जो अब लगभग अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, ‘‘समान रूप से चिंताजनक’’ है।
जयशंकर ने अगस्त में बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘अंतहीन युद्ध का अब अंत होना चाहिए।’’
शांति स्थापित करने के लिए जारी पहल में भारत के समर्थन को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भले ही ये प्रयास जारी हैं, लेकिन नाविकों की सुरक्षा और खाद्यान्न तथा ऊर्जा की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का समाधान तत्काल जरूरी है। भारत इस स्थिति को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने को तैयार है, खासकर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में।’’
उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी हिंसा पर भी चिंता जताई। जयशंकर ने इजराइल-फलस्तीन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में भी तनाव और हिंसा दुर्भाग्य से जारी है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी और दीर्घकालिक शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान जरूरी है।’’
जयशंकर ने कहा, ‘‘इस बीच, भारत फलस्तीनी लोगों के लिए मानवीय सहायता और राहत प्रयासों में योगदान दे रहा है।’’
भाषा अमित आशीष
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