महाराष्ट्र में सूखे के हालात: उद्धव ठाकरे ने की विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग

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महाराष्ट्र में सूखे के हालात: उद्धव ठाकरे ने की विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 05:38 PM IST

मुंबई, 24 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण पैदा हुए सूखे के संकट के बीच, शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की, ताकि इससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की जा सके।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक पश्चिम महाराष्ट्र के सोलापुर तथा

विदर्भ और मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर में मंत्रिमंडल की अलग-अलग बैठकें आयोजित करनी चाहिए।

किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी की मांग करते हुए ठाकरे ने कहा कि सरकार को एक एक ऐसा डिजिटल पोर्टल (डैशबोर्ड) तैयार करना चाहिए जहां सभी आंकड़े एक जगह दिखाई दें, जिसमें किसानों को दी गई वित्तीय सहायता, गांवों में तैनात पानी के टैंकरों और मवेशियों के लिए बनाए गए चारा आश्रयों की जिला-वार और तालुका-वार जानकारी उपलब्ध हो।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस डैशबोर्ड पर पिछले साल सरकार द्वारा घोषित की गई वित्तीय मदद की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि न केवल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), बल्कि अंतरराष्ट्रीय मौसम संगठनों ने भी चेतावनी दी थी कि ‘अल नीनो’ का असर मानसून पर पड़ेगा।

ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब ये चेतावनियां जारी की गई थीं, तब सरकार ने सूखे से निपटने के लिए क्या कदम उठाए थे।

शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ‘सुपर अल नीनो’ की वजह से मुंबई में 16,000 लोगों की जान जाने की आशंका जताई गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को अगले हफ्ते विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और अपने द्वारा उठाए गए राहत कदमों का ब्योरा देना चाहिए, क्योंकि सरकार को सदन में दिए गए सभी आश्वासनों को पूरा करना होता है।’’

ठाकरे के अनुसार, जब वे मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने किसानों का कर्ज माफ किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘बारिश न होने और सूखे के कारण किसान खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। इसलिए पूरी तरह से कर्ज माफ होना चाहिए और सरकार को किसानों के कर्ज की जिम्मेदारी (गारंटी) खुद लेनी चाहिए, जैसा कि उसने कुछ चीनी मिलों के लिए किया है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे विदर्भ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा शुरू करेंगे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कम बारिश से प्रभावित फसलों का जायजा लेने के लिए बुधवार को लातूर, धाराशिव और सोलापुर जिलों के कुछ हिस्सों का दौरा किया था। बृहस्पतिवार को वे राज्य के विदर्भ क्षेत्र के वाशिम और अमरावती जिलों के दौरे पर हैं।

भाषा सुमित मनीषा

मनीषा