मुंबई विश्वविद्यालय पुस्तकालय ठेका मामले में महाराष्ट्र के मंत्री भुजबल आरोपमुक्त

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मुंबई विश्वविद्यालय पुस्तकालय ठेका मामले में महाराष्ट्र के मंत्री भुजबल आरोपमुक्त

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  • Publish Date - September 24, 2026 / 01:34 PM IST,
    Updated On - September 24, 2026 / 01:34 PM IST

मुंबई, 24 सितंबर (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता छगन भुजबल को मुंबई विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के ठेके के आवंटन में कथित तौर पर रिश्वत लेने से जुड़े 2016 के मामले में आरोपमुक्त कर दिया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आरोप लगाया था कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तत्कालीन मंत्री भुजबल ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक निजी डेवलपर को बेहद कम दर पर जमीन का पट्टा देकर राज्य सरकार को भारी नुकसान पहुंचाया और इसके बदले आरोपियों ने भारी रकम बतौर रिश्वत ली।

विशेष सांसद/विधायक अदालत ने बृहस्पतिवार को भुजबल और अन्य आरोपियों को मामले में आरोपमुक्त कर दिया।

अदालत के फैसले का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं हुआ है।

यह मामला मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर में एक प्रमुख भूखंड का है। मुंबई विश्वविद्यालय ने इस चार एकड़ जमीन को पुस्तकालय के निर्माण के लिए राज्य सरकार को दिया था।

आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 2009 में भूखंड के एक हिस्से पर पुस्तकालय के निर्माण के लिए निविदाएं जारी की थीं और शेष जमीन को एक नामी डेवलपर को 99 साल के लिए महज एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर पर पट्टे पर दे दिया था। एसीबी ने इसे अवैध बताया था।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा