‘स्वयंभू बाबा’ खरात के खिलाफ बलात्कार समेत आठ प्राथमिकि दर्ज, एसआईटी जांच कर रही है: फडणवीस

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'स्वयंभू बाबा' खरात के खिलाफ बलात्कार समेत आठ प्राथमिकि दर्ज, एसआईटी जांच कर रही है: फडणवीस

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 09:43 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 09:43 PM IST

मुंबई, 24 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बताया कि यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोपों से जुड़ी कई शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात के खिलाफ आठ प्राथमिकी दर्ज की हैं।

गृह मंत्रालय के प्रभारी फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि नासिक निवासी खरात के खिलाफ मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) इन अपराधों में सरकारी अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच करेगा।

उन्होंने कहा, “खरात के खिलाफ कुल आठ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वह आज (मंगलवार) तक पुलिस हिरासत में था और हमें आगे की जांच के लिए नासिक की एक अदालत से 29 मार्च तक का विस्तार मिला है। इनमें से सात मामले एसआईटी के पास हैं। मैंने सदन के समक्ष एक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की है।”

फडणवीस ने कहा कि पहला मामला 19 दिसंबर, 2025 को सामने आया, जब खरात ने खुद नासिक जिले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि दिनेश मनाजी परब ने शिकायतकर्ता और एक महिला से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो को पांच करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने पर जारी करने की धमकी दी थी।

पुलिस ने फोन कॉल रिकॉर्ड, संदेशों और स्क्रीनशॉट की जांच के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया।

फडणवीस ने बताया कि 18 फरवरी, 2026 को अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक अन्य शिकायत दर्ज की गई, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि नीरज जाधव ने उसकी कृत्रिम रूप से निर्मित तस्वीर बनाकर साझा की और उसे वायरल करने की धमकी दी।

उन्होंने सदन को बताया, “आरोपी ने तस्वीर हटा दी, लेकिन उसने धमकी देना जारी रखा था। मामला दर्ज किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता ने पर्याप्त जानकारी नहीं दी।”

दूसरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने खरात के सहयोगियों से जुड़े उपकरणों से महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए।

फडणवीस ने कहा, “जाधव से पूछताछ के दौरान, खरात के सहयोगी योगेश भलेराव ने कुछ वीडियो दिखाए। पुलिस को पता चला कि मोबाइल हैंडसेट में आठ महिलाओं के 35 वीडियो संग्रहित थे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि खरात महिलाओं का शोषण करने के लिए धार्मिक व्यक्ति होने का ढोंग करता था।

मुख्यमंत्री ने बताया, “खरात ने स्वयं को धर्मगुरु बताया और महिलाओं के साथ बलात्कार और अश्लील हरकतें कीं। सबूत पेश करने की कोशिश करने वाले गवाहों में से एक को खरात से अपनी जान का खतरा था।”

फडणवीस ने विधानसभा को बताया कि खरात को देश छोड़ने से रोकने के लिए 10 मार्च को उसके खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ जारी किया गया था और उसके खिलाफ मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 मार्च को नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसे ‘कनाडा कॉर्नर’ बिल्डिंग स्थित खरात के कार्यालय में बुलाया गया, पानी दिया गया और बाद में उसके पति को जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया।

फडणवीस ने बताया, “खरात को 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, एक रिवॉल्वर और 21 कारतूस बरामद किए और पता चला कि नासिक जिले के मीरगांव में उसका एक फार्महाउस है।”

उन्होंने कहा कि इस ‘स्वयंभू बाबा’ के खिलाफ जांच औपचारिक रूप से 19 मार्च को एसआईटी को सौंप दी गई थी।

उन्होंने कहा, “तीन महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराने पर सहमति जताई है और इस संबंध में अब तक यौन उत्पीड़न और शोषण से संबंधित कुल छह मामले दर्ज किए गए हैं। सभी तस्वीरें और वीडियो (मामलों से संबंधित) सोशल मीडिया से हटा दिए गए हैं और एक पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले एक समाचार चैनल को नोटिस जारी किया गया है।”

एक मामले का विवरण देते हुए, फडणवीस ने बताया कि फरवरी 2020 से 18 मार्च के बीच, खरात ने कथित तौर पर एक महिला को बार-बार अपने कार्यालय में बुलाया, उसे कथित ‘जादुई जल’ पिलाया और धार्मिक अनुष्ठानों की आड़ में उसका यौन उत्पीड़न किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘वह गर्भवती हो गई और खरात ने बाद में उसे गर्भपात की गोलियां दीं। खरात ने महिला को धमकी भी दी।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में सरकारी अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच करेगी।

उन्होंने कहा, ‘हम यह भी जांच करेंगे कि क्या इन मामलों में कोई (सरकारी) अधिकारी शामिल हैं। हम पता लगाएंगे कि क्या खरात ने अपने रिश्तेदारों या करीबी सहयोगियों के नाम पर संपत्ति जमा की है।’

शिवसेना (उबाठा) विधायक भास्कर जाधव के इस सवाल के जवाब में कि अधिकारियों के नाम कब उजागर किए जाएंगे, फडणवीस ने कहा, ‘हमने जानबूझकर एसआईटी जांच का जिम्मा एक महिला अधिकारी को सौंपा है, जिनका रिकॉर्ड अच्छा है। हर सबूत दर्ज किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

भाषा

राखी रंजन

रंजन