खराब सड़कों व बुनियादी सुविधाओं को लेकर फडणवीस ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे सब ठीक है: आदित्य

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खराब सड़कों व बुनियादी सुविधाओं को लेकर फडणवीस ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे सब ठीक है: आदित्य

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 04:30 PM IST

पुणे, 18 अगस्त (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि सब कुछ ठीक चल रहा है जबकि लोगों को अच्छी सड़कें और जाम से मुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।

आदित्य ठाकरे ने पुणे के हिंजवड़ी आईटी पार्क इलाके में बुनियादी ढांचे की स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि वहां भारी यातायात जाम और खराब सड़कों की वजह से स्थिति बेहद खराब हो गई है।

उबाठा नेता आदित्य ठाकरे ने आशंका जताई कि खराब सुविधाओं के कारण बड़ी कंपनियां पुणे से बाहर जा सकती हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा सकती हैं।

उन्होंने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “मुख्यमंत्री इस तरह से व्यवहार कर रहे हैं जैसे उन्हें लगता है कि सब कुछ अच्छा है, लेकिन यहां लोगों को अच्छी सड़कें और जाम से मुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।”

करीब 2,800 एकड़ में फैले हिंजवड़ी आईटी पार्क को आधिकारिक तौर पर राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क कहा जाता है और यह एक बड़ा तकनीकी केंद्र है।

यहां इंफोसिस, विप्रो, एचसीएलटेक और एक्सेंचर जैसी कई बड़ी कंपनियां मौजूद हैं।

आदित्य ठाकरे ने हिंजवड़ी आईटी हब का दौरा किया, वहां की सड़कों की स्थिति देखी और काम करने वाले लोगों से बातचीत की।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया, “आप देख सकते हैं कि यातायात और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण आईटी सेक्टर में काम करने वाले लोग परेशान हैं। यहां बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।”

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता इन समस्याओं का कारोबार और रोजगार पर पड़ने वाला असर है।

आदित्य ठाकरे ने कहा, “सबसे बड़ी समस्या यह है कि खराब बुनियादी सुविधाओं और भ्रष्टाचार के कारण अगर कंपनियां व उद्योग यहां से बाहर चले जाते हैं, तो राज्य को बड़े पैमाने पर रोजगार का नुकसान होता है। हमें इसी के खिलाफ लड़ना होगा।”

आदित्य ने दावा किया कि पुणे जिले के चाकण औद्योगिक क्षेत्र की करीब 20 कंपनियां बाहर जाने की तैयारी कर रही हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि अगर हिंजवड़ी की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वहां की बड़ी कंपनियां भी अपना कारोबार किसी दूसरी जगह ले जा सकती हैं।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश