त्योहार सभी के लिए, मुस्लिमों के शामिल होने में कुछ गलत नहीं: अमृता फडणवीस

त्योहार सभी के लिए, मुस्लिमों के शामिल होने में कुछ गलत नहीं: अमृता फडणवीस

त्योहार सभी के लिए, मुस्लिमों के शामिल होने में कुछ गलत नहीं: अमृता फडणवीस
Modified Date: September 9, 2026 / 09:20 am IST
Published Date: September 9, 2026 9:20 am IST

मुंबई, नौ सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा है कि त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होते हैं और यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति किसी उत्सव में शामिल होता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

उनका यह बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितेश राणे द्वारा नवरात्रि आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने के विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के आह्वान का समर्थन किए जाने के बीच आया है।

विहिप ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्यभर में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राज्य के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को विहिप के इस रुख का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।

राणे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अमृता फडणवीस ने कहा कि उनका मानना है कि त्योहार सभी को साथ लेकर चलने और सामूहिक रूप से मनाने के लिए होते हैं।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी वहां आता है और ठीक से त्योहार का आनंद लेता है, तो मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखता।”

विहिप ने आयोजकों के लिए कुछ ‘‘दिशा-निर्देश’’ जारी किए हैं। इनमें प्रतिभागियों की पहचान के लिए उनके आधार कार्ड की जांच करने तथा उनके माथे पर तिलक लगाकर नवरात्रि के गरबा और डांडिया आयोजनों में उनकी पहचान सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

राणे ने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजनों में आने वाले लोगों की पहचान की जांच की जानी चाहिए और प्रवेश से पहले उनसे हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाना चाहिए।

‘लव जिहाद’ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द है। इसके तहत आरोप लगाया जाता है कि मुस्लिम पुरुष हिंदू समुदाय की महिलाओं को प्रेम के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रचते हैं।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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