पुणे छात्रावास परिसर में एबीवीपी से झड़प के मामले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज

पुणे छात्रावास परिसर में एबीवीपी से झड़प के मामले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज

पुणे छात्रावास परिसर में एबीवीपी से झड़प के मामले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज
Modified Date: August 22, 2026 / 11:13 am IST
Published Date: August 22, 2026 11:13 am IST

पुणे, 22 अगस्त (भाषा) पुणे पुलिस ने शहर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले विश्वविद्यालय के छात्रावास परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में शनिवार को युवा कांग्रेस के 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

एबीवीपी और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्यों के बीच शुक्रवार को हुई झड़प के बाद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे (सीओईपी) के छात्रावास परिसर में शनिवार को भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि एबीवीपी के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर युवा कांग्रेस के 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 189(1) (गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना), 351(1) (आपराधिक धमकी) और अन्य संबंधित प्रावधानों के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता संस्थान की छात्राओं को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराने के लिए मजबूर कर रहे थे और उनमें से एक पर वीडियो के जरिए बयान रिकॉर्ड करने का दबाव बना रहे थे।

शिकायत में कहा गया है कि मामले की जांच के लिए एबीवीपी सदस्य छात्रावास पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

इससे पहले, घटना के बाद छात्रावास का दौरा करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया था कि एबीवीपी कार्यकर्ता दोनों छात्राओं को डरा-धमका रहे थे।

वहीं, महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस (मीडिया विभाग) के अध्यक्ष अक्षय जैन ने घटना को ‘‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया था। उन्होंने कहा था कि दोनों छात्राओं ने अपनी छात्रवृत्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता जताई थी और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का समर्थन किया था।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन


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