धन शोधन मामले में लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक को 20 फरवरी तक ईडी की हिरासत में भेजा गया

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धन शोधन मामले में लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक को 20 फरवरी तक ईडी की हिरासत में भेजा गया

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 09:29 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 09:29 PM IST

मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने 85 करोड़ रुपये के कथित धन शोधन मामले में रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के एक पूर्व निदेशक को शुक्रवार को 20 फरवरी तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।

अभियुक्त राजेंद्र लोढ़ा के खिलाफ ईडी का मामला मुंबई पुलिस की अपराध शाखा द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले पर आधारित है।

उन्हें पिछले साल सितंबर में अपराध शाखा के धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। बृहस्पतिवार को ईडी ने उन्हें धनशोधन मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

संघीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को उन्हें पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) के विशेष न्यायाधीश आर.बी. रोटे के समक्ष पेश किया और धनशोधन मामले की जांच के लिए हिरासत की मांग की।

ईडी ने आरोप लगाया है कि लोढ़ा, जिन्हें 2015 में कंपनी में निदेशक नियुक्त किया गया था, ने अपने सीमित अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग किया – जो मूल रूप से केवल भूमि अधिग्रहण तक ही सीमित था – और इस तरह उन्होंने कई अनधिकृत लेनदेन को अंजाम दिया।

ईडी ने आरोप लगाया है कि उसने अपने बेटे साहिल और करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर अपराध की कमाई को छिपाने और धन शोधन की साजिश रची, जिससे कंपनी को काफी नुकसान हुआ।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप