पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह महाराष्ट्र की समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य नियुक्त

पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह महाराष्ट्र की समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य नियुक्त

पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह महाराष्ट्र की समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य नियुक्त
Modified Date: September 25, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: September 25, 2026 3:18 pm IST

मुंबई, 25 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड काडर के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को महाराष्ट्र सरकार की समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति समिति से बंबई उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के हाल में इस्तीफा देने के बाद हुई है।

राज्य सरकार ने विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए समान कानून लागू करने के उद्देश्य संबंधी यूसीसी की रूपरेखा तैयार करने के लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में इस साल जुलाई में सात सदस्यीय समिति गठित की थी।

बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर. सी. चव्हाण ने महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर लोगों की राय को केवल ‘‘हां/नहीं’’ के विकल्पों तक सीमित रखने के समिति के फैसले पर गंभीर आपत्ति जताते हुए हाल में इससे इस्तीफा दे दिया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति देसाई ने सिंह के नाम का सुझाव दिया था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी।

अधिकारी ने हालांकि कहा कि सिंह की नियुक्ति का समिति के सदस्य के रूप में चव्हाण के इस्तीफे से कोई संबंध नहीं है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति देसाई सिंह को अच्छी तरह जानती हैं, क्योंकि दोनों पहले साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने सिंह के नाम का सुझाव दिया और सरकार ने उसे मंजूरी दे दी।’’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने समिति के गठन की नौ जुलाई को घोषणा की थी।

समिति को यूसीसी के कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहलुओं की पड़ताल करने, इसे लागू कर चुके उत्तराखंड जैसे अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया है।

समिति के अन्य सदस्यों में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस. जी. मेहरे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव डी. के. जैन, पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र सराफ, संविधान विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षाविद सुवर्णा रावल शामिल हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को विश्वास जताया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राज्य सरकारें 2029 से पहले यूसीसी लागू करेंगी। अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।

उत्तराखंड देश में यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं ने भी यूसीसी विधेयक पारित किए हैं।

भाषा

सिम्मी दिलीप

दिलीप


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