जालना में भूख हड़ताल पर बैठे चार ओबीसी कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
जालना में भूख हड़ताल पर बैठे चार ओबीसी कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
जालना, सात सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के जालना जिले में मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे के प्रदर्शन स्थल के पास भूख हड़ताल शुरू करने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के चार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए सोमवार को हिरासत में ले लिया।
इस समूह ने राज्य सरकार पर जरांगे को ‘‘विशेष तवज्जो’’ देने और ओबीसी अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए रविवार को अंतरवाली सराटी गांव में मराठा कार्यकर्ता के आंदोलन स्थल से 400 मीटर की दूरी पर अपनी भूख हड़ताल शुरू की थी।
पुलिस ने तनाव की आशंका, कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं और यातायात में बाधा का हवाला देते हुए ओबीसी समुदाय के इस विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
प्रदर्शनकारियों को यह भी सूचित किया गया था कि उनके पास इस जगह का उपयोग करने के लिए ग्राम पंचायत या भूमि मालिक की अनुमति नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने ओबीसी कार्यकर्ता मंगेश ससाने, विट्ठल तालेकर, बाबासाहेब बतुले और सतीश कुलाल को हिरासत में लिया है।
ससाने ने रविवार को आरोप लगाया था कि सरकार एक समुदाय को ‘‘विशेष तवज्जो’’ दे रही है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ओबीसी समुदाय को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करना पड़ेगा।
जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 10वें दिन में जारी है। उनके एक सहयोगी ने पहले बताया था कि उन्होंने चिकित्सा सहायता, पानी और नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) लेने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई है।
जरांगे मराठा समुदाय को ओबीसी वर्ग में आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में हैदराबाद गजट और सातारा गजट के रिकॉर्ड लागू करना तथा पात्र मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है।
कुनबी एक पारंपरिक कृषि समुदाय है, जिसे आधिकारिक रूप से ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया है। इसके कारण उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।
भाषा खारी वैभव
वैभव

Facebook


