अमरावती, 21 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और विपक्ष के नेता वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार को राज्य की जनता को ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने कहा कि रमजान भक्ति, रोजा, दान और आत्म-जवाबदेही का समय है।
उन्होंने कहा कि यह क्षमा का महीना भी है, जहां हर मुसलमान सर्वशक्तिमान अल्लाह के करीब आता है। उन्होंने कहा कि कुरान की आस्था, न्याय, करुणा और नैतिक व्यवहार संबंधी शिक्षाओं ने सदियों से समाज को तराशा है।
राज्यपाल ने लोक भवन से जारी एक विज्ञप्ति में कहा,‘‘रमजान के पवित्र महीने के समापन के अवसर पर ईद-उल-फितर के उपलक्ष्य में, मैं आंध्र प्रदेश के सभी मुस्लिम भाइयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।’’
राज्यपाल ने कहा, ‘‘इस पवित्र ईद-उल-फितर के दिन, आइए हम सभी लोगों की गरिमा, जीवन की पवित्रता और सभी धर्मों की गंभीरता का सम्मान करने के अपने संकल्प को पूरा करें।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना उपवास और प्रार्थना के माध्यम से सही मार्ग पर चलने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है।
नायडू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘रमजान के पवित्र त्योहार पर मेरे सभी मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई… मेरी कामना है कि यह रमजान आपके जीवन को खुशियों, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि से भर दे।’’
इसी प्रकार, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि रमजान, मुसलमानों के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जो उपवास, प्रार्थना, दान, बुराई का त्याग और इंसानों की सेवा के माध्यम से भक्ति की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह त्योहार सद्भाव, मेलजोल, सार्वभौमिक समानता, करुणा और उदारता का प्रतीक है।
वाईएसआरसीपी की एक विज्ञप्ति में कहा गया,‘‘रेड्डी ने रमजान के शुभ अवसर पर मुस्लिम भाइयों और बहनों को ईद मुबारक की शुभकामनाएं दीं।’
विपक्षी नेता ने यह कहा कि रमजान धार्मिकता, आत्मसंयम और मानवता के मूल्यों की एक सशक्त याद दिलाता है।
भाषा तान्या राजकुमार
राजकुमार