मुंबई, नौ जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि ‘मिसिंग लिंक’ जैसी बुनियादी ढांचा परियोजना के कामकाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो जाता है।
मनसे रेल सेना के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ठाकरे ने यह भी पूछा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सवाल उठाना राजनीति कैसे हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब दूसरे लोग सत्ता में थे तब आप (भाजपा) क्या कर रहे थे? ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना की बात करने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो जाता है? सरकार की आलोचना करने का मतलब महाराष्ट्र की आलोचना करना नहीं है… यदि आप केंद्र सरकार के खिलाफ कुछ कहते हैं तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार दे दिया जाता है।’’
ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ही सबसे पहले सोशल मीडिया मंचों पर अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना शुरू किया था लेकिन अब इसका उलटा असर उसी पर पड़ रहा है।
हाल में निर्मित मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ खंड पर इस सप्ताह भूस्खलन होने के बाद उसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। इस घटना को लेकर भाजपा नीत राज्य सरकार की आलोचना हुई थी।
बुधवार को राज्य विधानसभा में हुई एक चर्चा का जवाब देते हुए फडणवीस ने परियोजना की आलोचना करने वालों पर आरोप लगाया था कि वे किराए के ‘ट्रोल’ के जरिए टीवी और सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि गलत सूचना फैलाकर महाराष्ट्र की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बीच, मनसे प्रमुख ने दावा किया कि ठेकेदारों का आरोप है कि सरकारी परियोजनाओं में काम करने के लिए उन्हें 54 प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है।
ठाकरे ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि कथित चोरी को लेकर सवाल उठाना धर्म का अपमान नहीं है। उनका दावा था कि मंदिर ट्रस्ट के 15 में से 12 न्यासियों की नियुक्ति केंद्र सरकार ने की है और उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और भाजपा से है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी अन्य दल की सरकार के कार्यकाल में यह कथित चोरी सामने आती, तो भाजपा की क्या प्रतिक्रिया होती।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश